वैसे लखीमपुर के जिला अस्पताल से आई ये तस्वीर पहली नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसी तस्वीरें सामने आती रही हैं। बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा है कि अपनी गलतियों को सुधार नहीं रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद निर्देश दिए हैं कि मरीजों हर सुविधा मुहैया होनी चाहिए, लेकिन लापरवाह अधिकारी सरकार को पलीता लगा रहे हैं।
सीएमएस ने ये किया खंडन
सीएमएस डॉ. आरके वर्मा ने प्रेस नोट जारी कर खंडन करते हुए कहा है कि सात वर्षीय सज्जाद खान की मृत्यु 26 जून को दोपह 12.20 बजे हो गई थी। स्टाफ नर्स ने शव वाहन की बाबत बताया कि वाहन चालक एक शव लेकर गया है। आधे घंटे के अंदर वाहन चालक के आने पर तत्काल सज्जाद खान के शव को उसके आवास पर भिजवा दिया जाएगा, लेकिन परिजन इंतजार करने काके तैयार नहीं थे। परिजनों ने कहा कि मैं अपनी व्यवस्था से तत्काल ले जा रहा हूं। उन्होंने लिखा है कि इसमें अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई चूक नहीं है।
जिला अस्पताल में शव वाहन देने में यदि लापरवाही की गई है तो यह गंभीर मामला है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कोई दोषी मिलता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।- शैलेन्द्र कुमार सिंह, डीएम