टोल प्लाजा पर जाम और भीड़ अब छंटने लगी
बरेली। 15 दिसंबर से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग अनिवार्य हो जाएगा। अगर आप भी फास्टैग के लिए आवेदन कर रहे हैं तो कुछ बातों पर सावधानी बरतें नहीं तो आपके लिए कभी भी समस्या पैदा हो सकती है। बैंक अधिकारियों की सलाह है कि आप फास्टैग को अपने बैंक खाते से न जोड़ें, बैलेंस की फीडिंग प्रीपेड तरीके से ही कराएं।
इन दिनों फास्टैग खरीदने के लिए कार और कमर्शियल वाहन मालिक परेशान हैं, क्योंकि बिना इसके टोल प्लाजा पर दोगुना शुल्क लगेगा। एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने आधी अधूरी तैयारियाें के बीच ही पहली दिसंबर से इसे अनिवार्य घोषित कर दिया था, इससे अफरातफरी मच गई है। अब 15 दिसंबर तिथि तय होने से टोल प्लाजा से इस टैग को पाने के लिए उमड़ी भीड़ छंटने लगी है, हालांकि नामित बैंकों में अब तक टैग की सप्लाई नहीं पा पाई है। ज्यादातर लोग ऑनलाइन ही इसे खरीद रहे हैं। टैग लेने से पहले लोगों को सावधानी बरतना जरूरी है। अधिकारी बताते हैं कि फास्टैग को बैंक खाते से नहीं जोड़ना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से टैग धारक का बैंकिंग सिस्टम और अन्य अभिलेखों की गोपनीयता थर्ड पार्टी के हाथों में चली जाएगी, जिसका कभी भी दुरुपयोग संभव है।
ऑनलाइन आसानी से मिल रहा है फास्टैग
पिछले चार-पांच दिनों से फास्टैग स्कैन नहीं होने से लंबी लाइनें लग रही हैं। साथ ही नया टैग लेने वालों की भीड़ बढ़ रही थी, लेकिन सोमवार से भीड़ कम हो गई। टोल अधिकारियों ने बताया कि टैग अनिवार्यता तिथि आगे बढ़ने से भीड़ में कमी है और टैग भी अब स्कैन हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि नए टैग ऑनलाइन सुविधाजनक तरीके से मिल रहे हैं, इससे टोल प्लाजा पर बोझ कम हो गया है।