बरेली। आलमपुर जाफराबाद बीआरसी में अनशन पर बैठे निलंबित प्रधानाध्यापक रामगोपाल वर्मा का विरोध, प्रदर्शन बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा है। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मुकेश कमल भारती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीईओ पर अनशन बलपूर्वक खत्म कराने की कोशिश करने का भी आरोप है। बीईओ को नोटिस दिया गया है।
बीएसए संजय सिंह का कहना है कि मामले में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। जांच की स्थिति स्पष्ट होने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं बृहस्पतिवार को प्रधानाध्यापक के समर्थन में कई अन्य शिक्षक भी धरने पर बैठे। शिक्षकोंं का आरोप है कि प्रधानाध्यापक को तो बिना जांच ही निलंबित कर दिया गया जबकि बीईओ को सिर्फ नोटिस जारी किया गया है। संवाद
दरोगा पर फिर धमकाने का आरोप
भमोरा। रामगोपाल वर्मा ने बताया कि दरोगा अपनी अभद्रता का वीडियो वायरल होने के बाद बृहस्पतिवार को फिर से धरना स्थल पर पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने वीडियो का हवाला देते हुए धमकाया। कहा कि ''तुम मेरी वीडियो बनाकर ऊपर भेजोगे। तुम्हें तो अब मैं देखूंगा।'' प्रधानाध्यापक के अनुसार दरोगा आक्रामक होकर उनकी ओर बढ़े, लेकिन जब उन्होंने मोबाइल फोन का कैमरा ऑन करके वीडियो बनाना चाहा तो दरोगा अपनी बाइक पर बैठकर चला गया। वहीं दरोगा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। संवाद
शिक्षक संगठन भी उतरे समर्थन में
अनशन कर रहे प्रधानाध्यापक के समर्थन में बृहस्पतिवार को शिक्षक संगठन भी आ गए। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने बीआरसी पहुंचकर प्रधानाध्यापक से बात की। प्रधानाध्यापक ने पुलिस और बीईओ की ओर से किए गए दुर्व्यवहार की जानकारी दी। संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने आश्वासन दिया कि संगठन उनके साथ है। प्रशासन से पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान जिला संयुक्त मंत्री तपन सिंह मौर्य, जिला उपाध्यक्ष सतीश शर्मा, ललित गंगवार, धर्मेंद्र गंगवार, हृदयेश कुमार सिंह, विजेंद्र सिंह गुर्जर आदि मौजूद रहे।
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ये है मामला
भमोरा। आलमपुर जाफराबाद के प्राथमिक विद्यालय सहासा के प्रधानाध्यापक रामगोपाल वर्मा ने बीती 30 अक्तूबर को बीआरसी पर प्रधान अध्यापकों की मीटिंग में कंपोजिट व्यय व मिड डे मील में कमीशन मांगने का आरोप लगाया था। आरोप है कि इस पर खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कमल भारती ने प्रधानाध्यापक के साथ अभद्र व्यवहार किया था। साथ ही 31 अक्तूबर को रामगोपाल वर्मा को बिना जांच निलंबित कर दिया गया था। इसी के विरोध में बुधवार को प्रधानाध्यापक रामगोपाल वर्मा खंड शिक्षा अधिकारी आलमपुर जाफराबाद के कार्यालय पर अनशन पर बैठ गए हैं। आरोप है कि अनशन से उठाने के लिए पुलिस ने उनसे अभद्रता भी की थी।