आंदोलन की चेतावनी दी
संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पीपीपी मॉडल लागू किया गया, तो वे पुनः आंदोलन की राह पर लौटेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी। इस पूरे मुद्दे पर बरेली की आम जनता का भी किसान एकता संघ को समर्थन मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इस अस्पताल को पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में रहकर संचालित करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य सेवाएं अधिक पारदर्शी और गरीबों के लिए सुलभ रहेंगी।