रासायनिक खाद के प्रयोग से अन्न के साथ भूमि जल भी जहरीला हो रहा है। जानलेवा बीमारियां बढ़ रही हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए हमें खेती में रासायनिक खाद का प्रयोग छोड़कर जैविक खेती अपनानी होगी। यह विचार केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कृषि मेले के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए।
कृषि विभाग की ओर से सोमवार को रामलीला मैदान में तीन दिवसीय मंडलीय स्तर कृषि मेले का शुभारंभ किया गया। सुबह मेले का उद्घाटन करने के बाद मेनका गांधी ने कृषि विभाग, सामाजिक वानिकी, मत्स्य विभाग, रेशम विभाग, पंचायती राज विभाग, खादी ग्रामोद्योग, गन्ना विभाग, बाल विकास विभाग, सिंचाई विभाग आदि विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि इस मेले का उद्देश्य किसानों को कुछ नया सीखाना है, ताकि किसान नई तकनीकी व नई प्रकार की खेती कर अच्छा लाभ कमा पाएं। कृषि उप निदेशक अनिल कुमार को निर्देशित किया कि मेले के माध्यम से किसानों को नए बीज, नई तरह की मशीनों आदि की जानकारी दी जाए व नई प्रकार की कृषि विधियां सिखाई जाएं। साथ ही आगामी लगने वाले मेले में सभी स्टॉलों पर विभिन्न कृषि तकनीकी का प्रशिक्षण देकर अधिक से अधिक किसानों को प्रेरित करें।
मेले में पीलीभीत के अलावा बदायूं, बरेली, लखीमपुर, शाहजहांपुर आदि जिले के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। बरखेड़ा विधायक किशन लाल राजपूत, डीएम डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा, उप कृषि निदेशक अनिल कुमार तिवारी, जिला कृषि अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव व जिला उद्यान अधिकारी आदि उपस्थित रहे।