पानी तक की व्यवस्था नहीं थी
बिजनौर से आए किसान राकेश सिंह ने कहा कि दोपहर 12 बजे से हॉल में बैठे-बैठे परेशान हो गए और वहां पानी तक की व्यवस्था नहीं थी। मंच पर बैठे लोगों के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में नाश्ता-पानी आ रहा था, जबकि हॉल में उनके सामने बैठे किसानों से कोई पानी तक को पूछने वाला नहीं था। राकेश ने कहा, छीना-झपटी के बाद भोजन पैकेट मिला है यहां शुद्ध पानी की सुविधा नहीं है तो उसे कहीं बाहर खाएंगे।
महिला किसान उर्मिला ने कहा, इतनी भीड़ और अव्यवस्था है जिसे पार कर भोजन पैकेट लेना उनके बस की बात नहीं है। पीलीभीत के किसान कृष्ण कुमार भोजन पैकेट लेने का प्रयास किया लेकिन, भीड़ और अव्यवस्था के कारण वह कामयाब नहीं हुए तो बिना भोजन पैकेट लिए निकल गए।
संयुक्त कृषि निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि खरीफ गोष्ठी में आए किसानों के लिए छोटे वाले 40 टैंकर पानी मंगाया था। हमने भोजन के 900 पैकेट बनवाए थे। कोशिश यही थी कि सभी को खाना मिल जाए और कार्यक्रम में आए लोगों को दिक्कत नहीं हो।