बरेली। केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान में बुधवार से अनुसूचित जनजाति विकास कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय बैकयार्ड कुक्कुट पालन ट्रेनिंग की शुरूआत हुई। उत्तराखंड के सितारगंज के गांव खैराना से 38 किसानों ने प्रतिभागिता की। परियोजना अन्वेषक डॉ. दिव्या ने प्रशिक्षण की रूपरेखा साझा की। निदेशक डॉ. जगबीर सिंह त्यागी ने बताया कि कुक्कुट पालन ग्रामीण रोजगार, पोषण सुरक्षा का सशक्त माध्यम है। वैज्ञानिक डॉ. संदीप सरन ने कहा कि बैकयार्ड मुर्गी पालन किसानों की अतिरिक्त आय का जरिया है। डॉ. एमपी सागर ने पारिवारिक जरूरतें पूरी होने की जानकारी दी। यहां उमेश त्रिपाठी, नारायण व अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो