छुट्टा पशुओं से फसल की रखवाली करते हुए तबियत बिगड़ने पर किसान की मौत।
फतेहगंज पूर्वी (बरेली)। गांव निवड़िया में मंगलवार रात छुट्टा पशुओं से गेहूं की फसल की रखवाली करने गए किसान सरवन (50 वर्ष) की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उन्हें मौके पर ही खून की उल्टियां होने लगीं। परिजन उन्हें बरेली के निजी अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
गांव के प्रधान पुष्पेंद्र पाल ने बताया कि सरवन अपने खेतों में गेहूं की फसल की रखवाली करने के लिए रोजाना जाते थे। मंगलवार शाम भी खाना खाने के बाद वह खेत पर चले गए। रात करीब 12 बजे अचानक उनके सीने में दर्द हुआ। उन्होंने पड़ोस में खेत की रखवाली कर रहे किसान को बताया तो कुछ देर बाद बेटे जितेंद्र व अन्य परिजन सरवन को घर ले आए। यहां उन्हें खून की उल्टियां होने लगीं। बरेली ले जाते समय उन्होंने दम तोड़ दिया। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया। सरवन के तीन बेटे और एक बेटी है।
ग्रामीणों का कहना है कि ठंड लगने से उनकी मौत हुई है। कई बार अधिकारियों से छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। संवाद