आवास एवं विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना के सात में से पांच गांवों के किसानों को भूखंड आवंटन के लिए अभी छह माह तक इंतजार करना होगा। दो गांवों में भूखंड आवंटन की तैयारी चल रही है। दूसरी ओर, यहां के किसान भूमि क्रय दर का निर्धारण न होने के कारण अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
परसाखेड़ा आवासीय योजना टियूलिया, धंतिया, हमीरपुर, बोहित, फरीदापुर रामचरण, बल्लिया, मिलक इमामगंज की 522 हेक्टेयर जमीन पर विकसित होनी है। वर्ष 2023 में लैंड पूलिंग स्कीम के तहत जमीन देने की सहमति देने के बाद बीच में किसान इन्कार कर रहे थे। फिर कुछ दिनों पहले टियूलिया के 202 व धंतिया के 30 काश्तकारों ने लैंड पूलिंग के लिए सहमति दी थी। एग्रीमेंट के बाद अब लॉटरी सिस्टम से भूखंड आवंटन की तैयारी है। एक सप्ताह बाद झुमका तिराहे पर कार्यक्रम होगा। इन गांवों के अन्य किसानों से भूमि लेकर उनको मुआवजा दिया जाएगा। विभाग का दावा है कि सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो छह माह बाद अन्य गांवों के किसानों को लैंड पूलिंग स्कीम के तहत भूखंड आवंटित कर दिए जाएंगे।
वर्जन
ट्यूलिया व धंतिया गांव के 232 किसानों से लैंड पूलिंग स्कीम के तहत एग्रीमेंट कराया है। किसान के नाम जितनी भूमि होगी, उसके एक चौथाई रकबे का प्लाॅट उसके नाम आवंटित किया जाएगा। अन्य गांवों में छह माह बाद भूखंड आवंटन किया जाएगा। - राजेंद्रनाथ राम, अधिशासी अभियंता, आवास एवं विकास परिषद