- सैकड़ों बीघा फसल में घुसा पानी, किसानों के लिए बना मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगंज। सदर तहसील क्षेत्र में खादर के दर्जनों गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा रामगंगा की बाढ़ से जलमग्न हो गई है। धान, गन्ना, मूंग, उर्द, बाजरा, तिल, मूंग आदि फसलें पानी में डूब गई हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
नदी का जलस्तर बढ़ने से गोकिलपुर गांव के पास टूटे हुए बंधा से लौट रहा पानी किसानों के लिए मुसीबत बना हुआ है। गुजरहाई गांव के पास छह-सात दिनों से बाढ़ खंड विभाग की ओर से बंधा को टूटने से बचाने के लिए सैकड़ों मजदूर लगा रखे हैं। ये मजदूर बोरों में रेत भरकर रामगंगा किनारे लगा रहे हैं।
इन गांवों के खेत चपेट में
रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से सदर तहसील के सूदनपुर, भाट, गुजरहाई, जित्तौर, खजुहाई, अखा, ढका, गोकिलपुर, चुराह नवदिया, ऐंठपुर आदि गांवों के किसानों की फसल बाढ़ की चपेट में आ गई है।
दो वर्ष पहले टूटा बंधा, अब तक नहीं बना
रामगंगा किनारे गोकिलपुर गांव के पास बना बंधा दो साल पहले तेज धार की बजह से टूट गया था। यह अभी तक नहीं बनाया गया है। बढ़ते जलस्तर के कारण रामगंगा का पानी अब टूटे हुए बांध के जरिये इन गांवों की फसलों को अपनी जद में लेने लगा है। वहीं, गुजरहाई गांव के सामने भी दो वर्ष पहले करीब 400 मीटर तक बंधा टूट गया था। मरम्मत के नाम पर जेसीबी से छोटी-मोटी मेड़ बनाकर मिट्टी चढ़ाकर खानापूर्ति कर दी गई।
मूंग की फसल बची न बाजार और तिल
सूदनपुर के राना सिंह और शैलेंद्र सिंह ने बताया कि वह रामगंगा किनारे फार्म हाउस बनाकर रह रहे हैं। कल शाम से जलस्तर बढ़ने के कारण पानी उनके फार्म हाउस के पास तक आ चुका है। यहां करीब ढाई सौ बीघा से ज्यादा धान, मूंग, बाजरा, तिल आदि फसलें जलमग्न होने लगी हैं। भगवान सिंह के मुताबिक उनकी पांच एकड़ धान की फसल में पानी भर चुका है। एक एकड़ मूंग की फसल पानी से बर्बाद हो गई है। जित्तौर के पूर्व प्रधान दिनेश यादव का कहना है कि उनकी 200 बीघा मूंग और उर्द की फसल में पानी भर गया है। डेढ़ लाख से ज्यादा रुपये की लागत लग चुकी है, जो अब बर्बाद होती नजर आ रही है।
वर्जन
गुजरहाई के पास से बंधा को टूटने से बचाने के लिए सौ से ज्यादा मजदूर लगा रखे हैं। शनिवार को रामगंगा नदी का जलस्तर 160. 560 मीटर गेज रहा। चेतावनी बिंदु 162. 070 मीटरगेज पर है और खतरे का निशान 163. 070 मीटरगेज है। फिलहाल तटबंध अभी सुरक्षित हैं। गोकिलपुर और गुजरहाई के पास टूटा बंधा बदायूं सिचाई परियोजना के तहत आता है। मरम्मत कार्य जारी हैं। -अमित सिंह, एसडीओ, बाढ़ खंड विभाग