जिले में खुलेआम आढ़ती औने पौने दामों पर गेहूं खरीद कर रहे हैं। उधर, क्रय केंद्रों पर मनमानी होने से किसान खुली मंडी में गेहूं बेचने को मजबूर हैं। देवचरा गल्ला मंडी में अफसरों ने अवैध खरीद पकड़ी और किसानों का गेहूं केंद्रों पर तुलवाया। दो सप्ताह बीतने पर भी सिर्फ एक प्रतिशत यानि 29,217 कुंतल खरीद हो पायी है।
यूपी सरकार ने गेहूं क्रय योजना तेजी लाने और पर्याप्त केंद्र खोलने पर जोर दिया है। इसके तहत ही जिला प्रशासन ने जिले में नौ और क्रय केंद्र खोलने पर सहमति दे दी है। लेकिन खरीद में लगी सरकारी एजेंसियां ज्यादा रुचि नहीं ले रहीं है, इसलिए आढ़ती किसानों का खुला शोषण कर रहे हैं। निर्धारित कीमत से दो सौ रुपये कम में किसान गेहूं बेच रहे हैं। गुरुवार दोपहर जिला खरीद अधिकारी एसपी सिंह और डिप्टी आरएमओ सुरेश यादव आदि जब देवचरा मंडी पहुंचा तो इसकी बानगी देखने को मिली। ट्रैक्टर ट्राली पर गेहूं लादकर लाने वाले किसान आढ़तों पर उत्पाद बेचते हुए मिले। किसानों को करीब 1400 रुपये प्रति कुंतल दर से भुगतान हो रहा था। अफसरों ने औने पौन दाम पर गेहूं खरीद कर रहे आढ़तियों को हड़काया और किसानों को समझाकर गेहूं केंद्रों पर तुलवा कर पूरी कीमत दिलायी।
नौ केंद्र खुलेंगे
डीएम ने जिले में नौ क्रय केंद्र और खोलने पर अनुमति दे दी। इनका संचालन पीसीएफ, एनसीएफ और एफसीआई करेगा। फरीदपुर, आंवला में तीन-तीन, नवाबगंज में दो और बरेली तहसील में एक केंद्र खुलेगा। डीएम ने निर्देश दिए कि स्वीकृत नए केंद्र शीघ्र चालू हो जाएं। अब जिले में 73 केंद्र हो गए हैं।
डाला वसूली पर हंगामा
सीबी गंज। एफसीआई गोदामों पर ट्रैक्टर ट्राली से लाया गया गेहूं अनलोड नहीं किया गया। इस पर डिपो प्रभारी ओपी मौर्य से नोकझोंक हो गयी। एरिया मैनेजर कमल किशोर शांडिल्य ने बताया कि गैर कामर्शियल वाहनों से अनलोडिंग पर प्रतिबंध है। मैनेजर ने मुख्यालय से दिशा निर्देश मांगे है।