फरीदपुर (बरेली)। कुईयां खेड़ा गांव में मंगलवार सुबह घूरा हटाने की मामूली बात पर हुए विवाद के बाद एक ग्रामीण की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजन शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लेकर थाने पहुंच गए। आरोप लगाया कि बड़े भाई और उसके परिजन ने पीटकर व पटककर मार डाला है।
परिवार के मुताबिक, ग्राम समाज की जमीन पर पड़े घूरे को हटाने को लेकर अमर सिंह (58) और उनके बड़े भाई के बीच विवाद हुआ था। अमर सिंह के बड़े भाई उस जगह से घूरा हटवाना चाहते थे क्योंकि उसके पीछे उनकी निजी जमीन थी। अमर सिंह और उनके बेटों ने घूरा हटाने के लिए कुछ दिनों का समय मांगा था।
इसी को लेकर विवाद हो गया। गालीगलौज के साथ ही मारपीट शुरू हो गई। परिजनों का आरोप है कि मुख्य आरोपी और उसके बेटों ने अमर सिंह को पकड़कर जमीन पर बार-बार पटका। इससे अमर सिंह मौके पर ही अचेत हो गए। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
थाना गेट पर शव लेकर आए तो चौंकी पुलिस
थाने के गेट पर शव के साथ भीड़ देखकर पुलिसकर्मी हरकत में आए। पुलिस ने तुरंत शव ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतरवाया। इसके बाद शव को ई-रिक्शा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। वहां पंचनामा भरकर शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। इसमें न तो चोट के निशान मिले और न ही कोई हड्डी टूटी मिली।
सीओ बोले- जांच के बाद ही कार्रवाई
फरीदपुर सीओ संदीप सिंह ने बताया कि पटककर हत्या करने के आरोप काफी गंभीर हैं लेकिन मृतक के शरीर पर कोई गंभीर चोट नहीं दिख रही है। शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा गया है। वहां से विसरा सुरक्षित रखने की जानकारी मिली है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।