बरेली के फरीदपुर में चक मार्ग की पैमाइश के दौरान राजस्व व पुलिस टीम के सामने हुई किसान पप्पू यादव की मौत के बाद शुक्रवार दोपहर बाद उनका शव घर लाया गया। पहले से गांव में तैनात पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार करने को कहा। आक्रोशित परिजनों ने हंगामा करते हुए अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजन ट्रॉली पर शव रखकर हाईवे जाम करने की तैयारी करने लगे। पुलिस ने उन्हें बमुश्किल से रोका। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी। उनके अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त नहीं कराया जाएगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
मौके पर एसडीएम को बुलाने की मांग पर भी अड़ गए। इसके बाद एसडीएम मल्लिका नैन मौके पर पहुंचीं। सीओ संदीप सिंह व एसडीएम ने परिजनों को बमुश्किल समझाया। उन्हें आरोपियों की गिरफ्तारी करने, सरकारी तालाब खाली कराने और चक मार्ग को नक्शे के अनुसार बनवाने का आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे चले विरोध प्रदर्शन के बाद परिजन मान गए और उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया।
पैमाइश के दौरान हुई थी मौत
फरीदपुर थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव में चक मार्ग की पैमाइश के दौरान किसान पप्पू यादव (40) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतक के बेटे बलवीर व कल्लू ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर राजस्व निरीक्षक की मौजूदगी में राजस्व व पुलिस टीम करीब 80 मीटर लंबे सरकारी चक मार्ग की पैमाइश करने आई थी। प्रधान के कहने पर टीम ने गलत तरीके से पैमाइश कर उनके खेत में पूरा चक मार्ग निकाल दिया। इसी दौरान टीम के सामने पप्पू की मौत हो गई था। मृतक के बेटे ने आरोप लगाया कि उनके पिता की मौत होते ही राजस्व टीम मौके से खिसक गई थी।