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कुल में उमड़ा आला हजरत के दीवानों का रेला

Sun, 27 Nov 2016 01:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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Fans aroused was in total surge of Ala Hazrat - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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किसी के लिए इश्क की इंतहा किस हद तक हो सकती है यह आला हजरत के आशिकों में कोई देखे। शनिवार को कुल शरीफ में आला हजरत के दीवानों का ऐसा रैला उमड़ा की लोगों को दस कदम की दूर तय करना भी मुश्किल हो रहा था। भीड़ का मंजर ऐसा था कि अगर किसी के चप्पल-जूते पैर से निकल भी गए तो वह पलट कर भी नहीं तक देख पाया। कंधे से अंगोछा भी गिरा तो वह उठाने की कोशिश नहीं कर सका। बस मकसद था कि किसी तरह आला हजरत के आसताने की चौखट को छू भर लें। 
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आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी के तीन रोजा उर्स का आखिरी रोज था। इसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश के लाखों जायरीन बरेली की सरजमीं पर तीन रोज से जमा थे। शनिवार को आखिरी दिन था। सुबह से पूरे शहर में जायरीन की हलचल रही। बरेली और आसपास का कोई गांव कस्बा और शहर तक ऐसा नहीं था जहां से अकीदतमंदों की आमद न रही हो। दोपहर होते-होते पूरे शहर में आला हजरत के दीवाने नजर आने लगे। 
इन सभी के कदम दरगाह और उर्स स्थल की तरफ बढ़ते रहे। दरगाह शरीफ की ओर जाने वाले रास्ते बिहारीपुर से सौदागरान तक तो सुबह से ही ठसाठस भरे रहे। लोग बमुश्किल दरगाह की गलियों तक पहुंच पा रहे थे। गली का आलम तो यह था कि लोग दरगाह की चौखट तक पहुंचने में पसीना-पसीना हो रहे थे। फिर भी जोश और जजबे में कोई कमी नहीं थी। इसमें बूढ़ा हो या बच्चा हर एक को मजार शरीफ पर हाजरी की तमन्ना थी। इसी बीच शहर और बाहर से आने वाली चादरों के जुलूस भी पहुंचते रहे।  
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कुल शरीफ का समय करीब आते-आते दोपहर तक दरगाह से उर्स स्थल इस्लामियां कॉलेज तक, प्रसाद टाकीज से कुतुबखाना और किशोर बाजार तक के सभी रास्ते पैक हो गए। इनके बीच पड़ने वाली गलियां और भवनों की छतें तक भरी हुईं नजर आईं। यहां पर महिलाओं और बच्चों की संख्या ज्यादा रही। कमोबेश यही नजारा मथुरापुर के उर्स स्थल इस्लामिक सेंटर और आसपास के इलाकों का रहा। जैसे ही दोपहर के दो बजकर 38 मिनट पर कुल की रस्म शुरू हुई राह चलते हर कदम रुक गए। 
इस्लामियां इंटर कॉलेज के मैदान पर दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां और मथुरापुर में ताजुश्शरिया मुफ्ती अजहरी मियां की सरपरस्ती में कुल की रस्म अदा की गई। कुल के बाद जब जायरीन लौटने लगे तो आधे से ज्यादा शहर जाम हो गया। यातायात सुचारु करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर जायरीन का सैलाब उमड़ गया। 
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