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Bareilly News: परिजन बोले, आरोपी डॉक्टर को बचा रहा एसएन प्रशासन

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11 साल की बालिका से छेड़खानी का मामला, बरेली का रहना वाला है आरोपी डॉक्टर
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डीजीएमई को भेजी रिपोर्ट में गर्मी-कूलर की हवा न मिलने पर डॉक्टर से झगड़े की बताई वजह

आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में 11 साल की बालिका से छेड़खानी के मामले को दबाने का आरोप कॉलेज प्रशासन पर लग रहा है। परिजन का आरोप है कि प्रलोभन और दबाव को दरकिनार कर समझौते से मना करने पर झूठी कहानी गढ़ दी गई है। कॉलेज प्रशासन ने महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) को गर्मी, कूलर की हवा न मिलने पर बरेली निवासी रेजिडेंट डॉक्टर दिलशाद हुसैन से झगड़ा होने के बाद आरोप लगाने की रिपोर्ट भेजी है। जबकि ऐसा कोई विवाद हुआ ही नहीं।
मंगलवार की रात बाल रोग विभाग के वार्ड में भर्ती बालिका के परिजन ने रेजिडेंट डॉक्टर दिलशाद हुसैन पर जांच के बहाने चैंबर में बालिका के साथ छेड़खानी का आरोप लगाया है। परिजन का यह भी आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने नौकरी देने, विभागीय कार्रवाई करने समेत अन्य प्रलोभन देकर समझौते का दबाव बनाया। वारदात के अगले दिन दोपहर तक यही होता रहा।
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परिजन का कहना है कि जब साफ तौर पर उन लोगों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की ठान ली तो कॉलेज प्रशासन ने झूठी रिपोर्ट तैयार की और शासन को भेज दी।

दावा : दोषी को बचाया नहीं जा रहा
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता का कहना है कि शुरुआती मामले और विभागीय रिपोर्ट के आधार का पत्र में जिक्र किया है। पत्र से ये मंशा नहीं है कि गर्मी-कूलर की हवा और इलाज ठीक से न करने की वजह से छेड़खानी के आरोप लगाए हैं। दोषी को बचाने की कोई कोशिश नहीं की और जरूरी कदम उठाए। प्राचार्य का कहना है कि घटना के वक्त बालिका के परिजन की मनोदशा ठीक नहीं थी। इसके चलते वह इलाज की फाइल नहीं ले गए। पुलिस के जरिये परिजन को इलाज के पर्चे और फाइल उपलब्ध करा दिए हैं।
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कॉलेज प्रशासन ने भेजी यह रिपोर्ट

डीजीएमई को भेजी रिपोर्ट में कुछ यूं जिक्र है कि 10 सितंबर की मध्य रात को रेजिडेंट डॉक्टरों और मरीज के तीमारदारों के बीच मरीज को न देखे जाने एवं वार्ड में गर्मी एवं कूलर की हवा को लेकर झगड़ा हुआ। तीमारदारों ने ड्यूटी डॉक्टर से कहा कि बच्ची का चेकअप नहीं किया है। इसके बाद बच्ची अपनी मां के साथ जूनियर रेजिडेंट प्रथम वर्ष डॉ. दिलशाद के पास चेकअप कराने गई। इसके कुछ समय बाद मरीज के तीमारदारों ने पुलिस को फोन पर शिकायत कर बुला लिया। आरोप लगाया कि ड्यूटी डाॅक्टर ने बच्ची को गलत तरीके से छुआ। पुलिस आई और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को अपने साथ लेकर चली गई। अमर उजाला ब्यूरो
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