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Bareilly News: धोखाधड़ी के मुकदमे में जमानतदारों की फर्जी रिपोर्ट बनाकर लगाई

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बरेली। धोखाधड़ी के मामले में अग्रिम जमानत मिलने पर आरोपियों ने शाहजहांपुर के जमानतदारों की जमानत न्यायालय में दाखिल की। जमानतदारों के कागजों की फर्जी तस्दीक आख्या बनाकर कोर्ट में लगा दी गई। भेद खुलने पर सीजीएम के आदेश पर मुकदमे के वादी ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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प्रेमनगर क्षेत्र के शिखर नयाल के मुताबिक उन्होंने 2024 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपी मोहन नयाल की अग्रिम जमानत न्यायालय ने मंजूर कर दी थी। मोहन नयाल ने जमानत मंजूर होने के बाद अपने परिचित दो सगे भाई छोटेलाल व गेंदनलाल निवासी तिलहर जिला शाहजहांपुर की खतौनी लगाई थी। खतौनी की तस्दीक होने न्यायालय की ओर से तहसील तिलहर भेज दी गई और जमानती के पते की तस्दीक थाना तिलहर भेज दी गई। तहसील से लेखपाल योगेंद्र की तरफ से रिपोर्ट लगाकर न्यायालय भेज दी गई, जबकि थाने से दरोगा सुमित कुमार ने जमानती के पते तस्दीक कर रिपोर्ट प्रेषित की। इसके आधार पर जमानत मंजूर कर ली गई। शेखर नयाल ने न्यायालय भेजी गई आख्या की जांच कराई तो पता चला कि प्रेषित की गई तहसील और थाने की आख्या फर्जी व कूटरचित हैं। आरोप है कि मुकदमे के आरोपी मोहन नयाल ने गेंदनलाल और छोटेलाल के साथ मिलकर कूटरचित आख्या का इस्तेमाल किया था। सीजेएम के आदेश पर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। कोतवाल सुरेश चंद्र गौतम ने बताया कि विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





फर्जी जमानत दाखिल कर जेल से छूटने वाले अपराधियों के भागने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसलिए डीजीपी स्तर से सभी जिलों में अवैध जमानतदारों के खिलाफ अभियान चलाकर चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे जमानतदार चिन्हित किए जाएंगे जो बार बार अपने कागजों पर जमानत लेते हैं। डकैती, चोरी, लूट, फिरौती, अपहरण और हत्या जैसे संगीन मामलों के अपराधियों के जमानतदारों का सत्यापन कराया जाएगा। फर्जी जमानतदार पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान पेशेवर जमानतदारों का सत्यापन करने वाले भी चिन्हित होंगे। यदि जमानतदारों की आख्या फर्जी मिली तो धोखाधड़ी और जालसाजी के मुकदमे में जेल भेजा जाएगा।
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कचहरी के आसपास सक्रिय है गिरोह


कचहरी के आसपास फर्जी जमानतदारों का गैंग संचालित हो रहा है। बिथरी चैनपुर का मोर सिंह, हरिशंकर पीलीभीत के भजनलाल और चंपत पेशेवर जमानती के तौर पर काम करते हैं। इसकी तस्दीक बिथरी चैनपुर थाने के रजिस्टर से की जा सकती हैं। इस गिरोह में पंद्रह से बीस लोग काम करते हैं। गैंग का सरगना डेलापीर का दसवीं पास युवक है। डेलापीर निवासी युवक फर्जी आख्या बनाकर लगाने में माहिर हैं। युवक के पास दरोगा और लेखपाल की फर्जी मोहर रहती है। वह पैरोकार और बाबुओं से मिलकर असली तस्दीक गायब कर देता है और फर्जी तस्दीक लगाकर रिहाई करा देता है। इसी तरह फर्जी आख्या दाखिल कर पशु तस्कर कुंजी को रिहा कराया गया था। इस संबंध में मुकदमा भी दर्ज हुआ था। ब्यूरो



फर्जी जमानतदारों के सत्यापन का अभियान शुरू कर दिया गया है। बड़े और एक से ज्यादा मामलों में जमानत लेने वालों को चिह्नित किया जाएगा। गड़बड़ी मिली तो रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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