बरेली। सैन्य इंटेलिजेंस का अधिकारी बताकर बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह के सदस्य को पुलिस ने नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया। गिरफ्तारी की धाराएं न होने का फायदा उठाकर शातिर फिलहाल बच गया है। पुलिस का तर्क है कि विवेचना में साक्ष्य जुटाकर उसे जेल भेजा जाएगा।
सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का यह मामला सोमवार को उस वक्त सामने आया था जब सुभाषनगर निवासी युवक सुधांशु ने कैंट पुलिस से शिकायत की थी। बताया था कि मोहम्मद मुश्ताक नाम के बदायूं निवासी शख्स ने उनसे सुरेंद्र ठाकुर बनकर मुलाकात की थी। सेना में खुद की अच्छी पकड़ बताते हुए कैंटीन में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। दस्तावेज और 25 हजार रुपये ले लिए। फिर कहा कि कुछ और लड़कों को लाओ, उनकी भी नौकरी लगवा देंगे। सैन्य इंटेलिजेंस और पुलिस ने आरोपी से लंबी पूछताछ की। कैंट थाना प्रभारी के मुताबिक धोखाधड़ी की रिपोर्ट में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है। इसलिए मुश्ताक को नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया गया।
कैंटीन में सेना की वर्दी पहनकर आते थे मुश्ताक के साथी
सुधांशु शराब की कैंटीन में काम करता है। उसने बताया कि मुश्ताक ही अकेला ठग नहीं है। उसके और भी साथी हैं जो सेना की वर्दी पहनकर उस कैंटीन में शराब पीने आते थे। इसी वजह से वह उनके प्रभाव में आ गया। गिरोह के सरगना का भी पुलिस को पता लगाना है। सरगना का नाम राणा बताया जा रहा है।
सपा ने किया कटाक्ष
सोमवार को मुश्ताक को पकड़ा गया था। इस मामले में सपा ने एक्स पर कुछ अखबारों की खबरों को टैग कर भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लिखा है कि योगीराज में अपराध नहीं थम रहा। हत्या, दुष्कर्म में यूपी नंबर वन है। सवाल उठाया है कि सेना भर्ती के नाम पर बेरोजगारों को छला जा रहा है। बरेली पुलिस ने जवाब में लिखा है कि थाना कैंट बरेली पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई है। विवेचना प्रचलित है।