पिता वीरेंद्र ने भी की धोखाधड़ी
विप्रा के पिता वीरेंद्र शर्मा ने क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा देकर सात लाख रुपये हड़प लिए। बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले देवरनियां निवासी अर्जुन ने बताया कि यूनिवर्सिटी में शिखा नाम की लड़की मिली। शिखा ने अपनी बहन विप्रा को एसडीएम बताकर उसके घर ग्रीन पार्क में मिलवाया। वहां पर इनका पिता वीरेंद्र शर्मा भी था। तीनों ने सरकारी नौकरी लगवाने के बदले सात लाख रुपये मांगे। अर्जुन ने सात लाख रुपये तीनों के खातों में डाल दिए। इसके बाद बदायूं के दातागंज ब्लॉक में कंप्यूटर अनुभाग का नियुक्ति पत्र डाक से मिला। वह दातागंज गए तो ये फर्जी निकला। रुपये मांगने पर तीनों झगड़ा कर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगे।
विकास भवन में नौकरी लगवाने के नाम पर हड़पे साढ़े सात लाख
विप्रा और शिखा ने विकास भवन में नौकरी लगवाने का झांसा देकर युवक से साढ़े सात लाख रुपये झटक लिए। शीशगढ़ के भैंसिया गांव निवासी अंकित ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि दोनों बहनों ने रुपये लेकर उन्हें शाहजहांपुर के तिलहर ब्लॉक में नौकरी का नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब फर्जीवाड़े का विरोध कर रुपये लौटाने के लिए कहा तो दोनों ने जान से मारने की धमकी दी।
लेखपाल बनाने का झांसा देकर 13.50 लाख ठगे
शिखा और विप्रा ने लेखपाल बनाने का झांसा देकर युवक से साढ़े तेरह लाख रुपये ऐंठ लिए। बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने वाले भोजीपुरा के सैदपुर सरौरा निवासी सुरेंद्र पाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी में शिखा से मुलाकात हुई थी। शिखा ने अपनी बहन विप्रा को एसडीएम बताकर उनसे मिलवाया। शिखा का पिता वीरेंद्र भी वहां था। श्रेणी तीन की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 13.50 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद बदायूं की सदर तहसील में लेखपाल के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया
विप्रा और शिखा ने ठगे पांच लाख
विप्रा और शिखा ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर नेकपुर निवासी प्रशांत से पांच लाख रुपये ठग लिए। प्रशांत ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रशांत को भी डाक से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर गुमराह किया गया। बदायूं निवासी श्रीराम गंगवार से भी इसी तरह डेढ़ लाख रुपये ठग लिए। बदायूं रोड की गंगानगर कॉलोनी निवासी हिमांशु पाल ने भी सरकारी नौकरी का झांसा देकर चार लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए दोनों बहनों के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विप्रा और शिखा ने ठगे पांच लाख
विप्रा और शिखा ने सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर नेकपुर निवासी प्रशांत से पांच लाख रुपये ठग लिए। प्रशांत ने बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रशांत को भी डाक से फर्जी नियुक्ति पत्र भेजकर गुमराह किया गया। बदायूं निवासी श्रीराम गंगवार से भी इसी तरह डेढ़ लाख रुपये ठग लिए। बदायूं रोड की गंगानगर कॉलोनी निवासी हिमांशु पाल ने भी सरकारी नौकरी का झांसा देकर चार लाख रुपये ठगने का आरोप लगाते हुए दोनों बहनों के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि फर्जी तरीके से खुद को प्रशासनिक अफसर बताने वाली विप्रा शर्मा और उसकी बहनों व अन्य साथियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी जा रही हैं। कई लोग काफी पहले ठगी का शिकार हो चुके हैं, लेकिन रुपये वापसी की उम्मीद में शिकायत नहीं कर रहे थे। पूरे गिरोह पर कार्रवाई की जाएगी।