बरेली। जमीनों पर अवैध कब्जे थम नहीं रहे हैं। शिकायतों का निस्तारण भी फर्जी हो रहा है। बैंक कर्मी भी लोन के नाम पर ठग रहे हैं। इस तरह के कई मामले शनिवार को सदर तहसील में डीएम अविनाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में देखने को मिले।
घुरसमसपुर के जगत पाल ने अधिकारियों को बताया कि उनके गांव के आंगनबाड़ी केंद्र पर कार्यकर्ता के पद पर गलत चयन हुआ है। चूंकि, चयनित अभ्यर्थी से अधिक अंक आरती के थे। इस मामले में उन्होंने पहले भी कई बार शिकायत की, लेकिन फर्जी व गलत तथ्यों को दर्शाकर भ्रामक रिपोर्ट लगाकर मामला निस्तारित होना दिखा दिया गया।
बाकर नगर सुंदरासी की सोमवती ने बताया कि उन्होंने 15 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसका फर्जी निस्तारण कर दिया गया। उनकी समस्या गाटा-777 के भूस्वामियों द्वारा ढाई फिट गहरी कृषि योग्य जमीन पर मिट्टी का अवैध खनन किए जाने से जुड़ी है। इन लोगों ने सरकारी नाली गाटा-772 पर अतिक्रमण कर रखा है। गाटा-775 की नाली भी जोतकर खेत में मिला ली है। आरोप है कि लेखपाल उन्हें और उनके पति को चुप रहने के लिए कह रहे हैं।
मियूड़ी रानी मेवा कुंवर के गंगा सिंह व राजेंद्र की शिकायत पर डीएम ने एसडीएम सदर को जांच के आदेश दिए हैं। इनकी शिकायत है कि गांव के गाटा-181 पर खलिहान है, जिस पर गांव के ही कुछ लोग कब्जा कर रखे हैं। इस जमीन पर मकान बन गए हैं।
बैंक के बाबू ने अपने खाते पर ट्रांसफर कर लिए 5.95 लाख
हरूनगला की ममता ने डीएम को बताया कि एक बैंक शाखा के कर्मियों ने उनको झांसे में लेकर लोन का लालच दिया और बैंक में बुलाकर कई सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराकर 6.50 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया। इसमें से 5.95 लाख रुपये उस बैंक कर्मी ने अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। ममता ने संबंधित बैंक शाखा और बाबू का नाम भी डीएम को बताया है। अब उन पर लोन की अदायगी का दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में डीएम ने एलडीएम को जांच के आदेश दिए हैं। संवाद
कुंवरपुर बंजरिया के तालाबों पर अवैध कब्जे
कुंवरपुर बंजरिया के नरेश कुमार, वीरपाल, रामवीर डीएम के सामने पेश हुए। बताया कि गांव के तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। कुछ लोगों पर धारा-67 की कार्रवाई भी हुई, पर वह कब्जा करना नहीं छोड़े हैं। जबकि न्यायालय की तरफ से आठ मुकदमों में जुर्माने के साथ ही बेदखली के आदेश भी भिन्न-भिन्न तारीखों में पारित किए गए हैं। अभी तक एक भी आदेश का अनुपालन नहीं हो सका है। नरेश ने अपनी शिकायत में संबंधित आठ मुकदमों का भी जिक्र किया है। इस मामले में डीएम ने एसडीएम और सीओ सिटी को जांच के आदेश दिए हैं।