बरेली। फर्जी सिपाही बनकर वर्मा सरनेम की महिला सिपाहियों से संबंध बनाने और ठगी के आरोपी राजन वर्मा को रिमांड पर लाकर पूछताछ की जा सकती है। अन्य पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। फाइनेंसर व मददगारों के नाम मुकदमे में जोड़ने की तैयारी है।
अयोध्या पुलिस लाइन में आवाजाही और अपने साथ हुई ठगी के बाद फर्जी सिपाही बने राजन वर्मा को जेल भेजा गया है। पुलिस की पूछताछ में उसने करीब 12 महिला पुलिसकर्मियों के साथ धोखाधड़ी की बात कबूली। इनमें से पांच पीड़ितों की ओर से मामले भी दर्ज हैं। सीओ प्रथम पंकज श्रीवास्तव इस मामले में साक्ष्य जुटाकर घेराबंदी में जुटे थे। वह एक सुनवाई के सिलसिले में लखनऊ गए थे, उसी दिन आरोपी राजन को कोतवाल डीके शर्मा की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। राजन के खुराफाती दिमाग की वजह से पुलिस ने उससे जरूरी जानकारी जुटाकर उसी दिन जेल भेज दिया था। सीओ प्रथम ने बताया कि वह आरोपी से पूछताछ नहीं कर सके हैं। इंस्पेक्टर से अब तक की कार्य प्रगति पूछी जाएगी। जरूरत पड़ी तो आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी तब और पीड़ितों के नाम भी सामने आ सकते हैं। अमर उजाला ब्यूरो