बरेली। पीडब्ल्यूडी के दो ठेकेदारों की लड़ाई ने एक फिर से तूल पकड़ लिया है। एक ठेकेदार के कर्मचारी ने दूसरे ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए बताया कि पैरवी न करने पर ठेकेदार ने दर्ज मुकदमे में एफआर लगवा ली। बारादरी थाने में कर्मचारी की तरफ से नई रिपोर्ट दर्ज की गई है। आकाशपुरम निवासी वमनेश कुमार पीडब्ल्यूडी ठेकेदार जावेद के पास नौकरी करते हैं। बदायूं निवासी सतीश चंद्र दीक्षित भी पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी करते थे। आरोप है कि सतीश हमेशा जावेद की झूठी शिकायतें करते थे। बाद में पता चला कि सतीश चंद्र फर्जी ठेकेदार है। सतीश को शासन ने दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद से सतीश रंजिश मानने लगे। पिछली साल जून में सतीश ने वमनेश को धमकाया। तब विमनेश ने एडीजी से शिकायत की। इसके बाद बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। सतीश की धमकी के कारण वमनेश पैरवी नहीं कर पाए तो पुलिस ने सतीश के खिलाफ दर्ज मुकदमे में एफआर लगा दी। वमनेश ने पुलिस को बताया कि 28 मई को वह डीएम दफ्तर जा रहे थे। तभी ईसाइयों की पुलिया के पास सतीश और उसके तीन साथियों ने एक महिला के साथ मिलकर वमनेश को धमकी देकर दो लाख रुपये मांगे। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। बारादरी थाने में वमनेश की तरफ से रिपोर्ट दर्ज की गई है। ब्यूरो