हाफिजगंज। बीजामऊ और पृथ्वीपुर नवदिया ग्राम पंचायतों में कई फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप में पंचायत सहायक विशाल कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। ग्राम विकास अधिकारी नरेश राठौर की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की है। आरोप है कि पंचायत सहायक ने आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर दस्तावेज तैयार किए।
विकासखंड नवाबगंज की बीजामऊ और पृथ्वीपुर नवदिया ग्राम पंचायतों में कार्यरत नरेश राठौर ने बताया कि विशाल कुमार बीजामऊ में पंचायत सहायक, अकाउंटेंट और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात थे। ग्रामीणों की सुविधा के लिए उनको जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र पोर्टल की आईडी और पासवर्ड दिया गया था। पृथ्वीपुर नवदिया का पद रिक्त होने के कारण उनको वहां के प्रमाणपत्र जारी करने की भी जिम्मेदारी मिली थी।
मार्च 2026 तक उसके कार्य में कोई अनियमितता नहीं दिखी थी। पांच अगस्त को पोर्टल जांचने पर अप्रैल 2026 के बाद बड़ी संख्या में प्रमाणपत्र जारी होने का पता चला। आरोप है कि कई प्रमाणपत्र ऐसे लोगों के नाम से जारी हुए, जिनका इन ग्राम पंचायतों से संबंध नहीं था। शिकायत में उस्ल फातिमा, आयत अंसारी, अबान हुसैन और अव्यांश सहित कई नाम दिए गए हैं।
ग्राम विकास अधिकारी का आरोप है कि विशाल कुमार ने कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। उसने सरकारी आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग किया और बिना जानकारी के प्रमाणपत्र जारी किए, जो व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए धोखाधड़ी की मंशा से किया गया। एक अप्रैल से पांच अगस्त के बीच यह अनियमितता मिली। अनियमितता सामने आने पर विशाल कुमार से संपर्क करने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बाद में मोबाइल फोन भी बंद मिला। हालांकि, आरोपी ने छह अगस्त को खंड विकास अधिकारी नवाबगंज को माफीनामे का शपथपत्र दिया।
सीओ नवाबगंज नीलेश मिश्रा ने बताया कि मामले से जुड़े दस्तावेज और पोर्टल लॉग की जांच की जा रही है। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि कुल कितने प्रमाणपत्र नियमों के विपरीत जारी किए गए हैं।
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नवाबगंज और भदपुरा में प्रमाणपत्रों की होगी जांच - नवाबगंज। खंड विकास अधिकारी महेशचंद्र शाक्य की ओर से की गई जांच में विकासखंड नवाबगंज की ग्राम पंचायत बीजामऊ के पंचायत सहायक विशाल गंगवार की ओर से जारी 300 जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। रिपोर्ट दर्ज होने पर एसडीएम नवाबगंज सचिन कुमार यादव ने नवाबगंज और भदपुरा ब्लॉक के खंड विकास अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों ब्लॉकों के ग्राम पंचायत अधिकारियों ने जो भी जन्म प्रमाणपत्र बनाए हैं, उनका सत्यापन किया जाएगा। जो रिपोर्ट दर्ज हुई उसकी जांच पुलिस अपने स्तर से करेगी।