विभागीय अधिकारियों के अनुसार, करीब एक माह पूर्व समाचार पत्रों में मझगवां परियोजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। विज्ञापन सामने आने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन और चयन प्रक्रिया की जानकारी लेने के लिए विभागीय कार्यालय पहुंचने लगे। जब अधिकारियों ने ऐसी किसी भर्ती प्रक्रिया से इनकार किया तो अभ्यर्थियों ने प्रकाशित विज्ञापन दिखाया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। प्राथमिक जांच में सामने आया कि संबंधित विज्ञापन अधिकृत नहीं था।
शासन स्तर से होगी कार्रवाई
मामले की जांच के दौरान सीडीपीओ स्तर पर अन्य प्रशासनिक अनियमितताएं भी सामने आईं। सीडीओ ने इसे विभाग की छवि धूमिल करने वाली गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की। अब जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण का परीक्षण करने के बाद शासन को पत्र भेजकर संबंधित सीडीपीओ के निलंबन की कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। इस संबंध में सीडीओ देवयानी ने बताया कि सीडीपीओ की गंभीर लापरवाही सामने आने पर डीएम के माध्यम से शासन को पत्र भेजा गया है। शासन स्तर से अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।