अचानक मुलाकात के बाद दोस्ती गांठी
सोनू ने पुलिस को बताया कि उसकी मामी पूनम बिजली निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं और वह भी उन्हीं के साथ मीरगंज की हाइडिल कॉलोनी में रहता है। मीरगंज के नगरिया सादात निवासी शहंशाह उसका दोस्त है और दोनों शराब के लती हैं। बताया कि 15 मई की सुबह वह और शहंशाह दोनों सोनू के पैतृक गांव जा रहे थे। शंखा पुल पर उनकी मुलाकात आदेश मिश्रा से हुई।
आदेश बरात से लौट रहा था और उसके सिर में हल्की चोट लगी थी। उससे जान-पहचान हुई तो उसने बताया कि वह आइसक्रीम फैक्टरी में कर्मचारी है। रात उसके साथी की बहन की शादी थी। वहां सभी दोस्तों ने शराब पीकर डीजे पर डांस किया तो गिरने से उसके सिर में हल्की चोट आई और फोन भी कहीं गिर गया है। दोस्ती के बाद तीनों ऑटो से बल्लिया तक आए, वहां डॉक्टर से आदेश के सिर में लगी चोट की पट्टी कराई।
शराब पीने के दौरान की हत्या, रुपये बांटे
सोनू ने बताया कि मड़ौली में एक खोखे से उन तीनों ने शराब खरीदी। आदेश मिश्रा ने अपने पर्स से पैसे दिए, तभी उन दोनों ने आदेश के पर्स में रखे 3500 रुपये देख लिए और उनकी नीयत खराब हो गई। नहर पटरी पर तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। सोनू और शहंशाह ने चालाकी से आदेश मिश्रा को अधिक शराब पिला दी। जब आदेश नशे में हो गए, तभी दोनों ने गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों ने रुपये आपस में बांट लिए, इसमें सोनू को 1700 रुपये और शहंशाह को 1800 रुपये मिले। दोनों पैदल हाईवे पर आकर वाहन में बैठकर मीरगंज लौट गए।
एएसपी बोले- सुरागकशी से हो सका खुलासा
शुरू में किसी को अंदाजा नहीं था कि आदेश की हत्या की गई होगी। पुलिस भी ज्यादा शराब पीने से मौत का मामला मान रही थी। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस हरकत में आई। एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि चूंकि आदेश की हत्या अंजान लोगों ने की तो खुलासे लायक सुराग नहीं थे। आदेश का मोबाइल फोन भी बरात में शामिल उसके साथियों को मिल गया था जो उन्होंने वापस कर दिया। तब पुलिस ने शव मिलने की जगह सुरागकशी की। कई लोगों से पूछताछ की तो एक शख्स ने सोनू का नाम लिया। बताया कि सोनू दो लोगों के साथ शराब पी रहा था। जानकारी जुटाई तो सोनू के साथ शहंशाह का नाम भी आया। दोनों को गिरफ्तार किया गया, कोर्ट ने उन्हें जेल भेजा है।