फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर की छत से गिरकर मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदपुर। एनपी एग्रो फैक्ट्री में सोलर पैनल लगाने का काम कर रहे पश्चिम बंगाल के मजदूर की छत से गिरकर से मौत हो गई। फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों के लिए यहां कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। फैक्ट्री में मैनेजमेंट का कार्य देख रहे व्यक्ति ने मृतक मजदूर के साथियों से इक्तेफाकिया की तहरीर लिखवाई और पुलिस को दे दी।
विज्ञापन

फरीदपुर में नवादावन गांव के समीप स्थित एनपी एग्रो कट्टा फैक्ट्री में पिछले कई दिनों से सोलर पैनल लगाने का कार्य चल रहा है। यह कार्य पश्चिम बंगाल के मजदूरों द्वारा कराया जा रहा है। पैनल लगाने का कार्य लगभग आधा दर्जन मजदूर कर रहे हैं। शनिवार देर शाम को फैक्ट्री के छत के ऊपर सोलर पैनल लगा रहे मजदूरों में पश्चिम बंगाल के बाबूपुर निवासी प्रशांत जीत (24) ऊपर से जमीन पर गिर गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक मजदूर के साथियों ने बताया कि प्रशांत को काफी देर तक फैक्ट्री के लोग अंदर ही डाले रख रहे, उसे अस्पताल तक नहीं ले गए। मजदूरों के विरोध के बाद उसे नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के साथी शनिवार देर रात थाने पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।
विज्ञापन

मजदूरों का आरोप है कि फैक्ट्री के मैनेजमेंट का कार्य देख रहे व्यक्ति फोन पर पोस्टमार्टम न करने का दबाव बना रहे थे। फैक्ट्री के मैनेजमेंट देखने वाले व्यक्ति ने मजदूरों को गुमराह कर इक्तेफाकिया तहरीर लिखवा कर पुलिस को दे दी। तहरीर के अनुसार पुलिस ने घटना को इक्तेफाकिया बताकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।



मजदूरों के सुरक्षा के लिए बेल्ट तक नहीं दिए गए
मृतक मजदूर के साथियों ने आरोप लगाया कि सोलर पैनल लगवाने का कार्य करने के दौरान फैक्ट्री के तरफ से कोई सेफ्टी के इंतजाम नहीं किए गए। ऊपर चढ़कर सोलर पैनल लगा रहे मजदूरों के पास सेफ्टी बेल्ट तक नहीं थी। अगर बेल्ट होती तो प्रशांत की जान बच जाती।


एमपी एग्रो फैक्ट्री के मालिक व मॉडल टाउन निवासी मोनू झाबर ने बताया कि उनकी फैक्ट्री में सोलर पैनल लगवाने का कार्य जयपुर की एक कंपनी द्वारा कराया जा रहा था। फैक्ट्री में पैनल लगाने का कार्य कर रहे मजदूर जयपुर से ही थे। जो आरोप लगा रहे हैं, वे उनकी फैक्ट्री के मजदूर नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें