बरेली। बेहतरी के दावों के बीच जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बहदाली की ओर अग्रसर हैं। फरवरी की रैंकिंग में हम 67वें पायदान पर रहे। एक ओर अस्पतालों में सुविधाओं की कमी तो दूसरी ओर विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव है। इसके चलते लोगों की सेहत राम भरोसे है।
कोरोना संक्रमण के बाद लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हुई है। डायबिटीज, हृदय रोग, मोटापा, एनीमिया और सांस रोगियों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, जिले की चिकित्सा सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है। टीबी उन्मूलन अभियान को छोड़ दें तो जिले में अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की स्थिति अच्छी नहीं है।
जननी सुरक्षा योजना, मातृ-शिशु मृत्युदर, परिवार नियोजन, संस्थागत प्रसव, कुपोषण उन्मूलन जैसे कार्यक्रमों में भी बरेली पिछड़ रहा है। जिला अस्पताल, जिला महिला और तीन सौ बेड अस्पताल में जरूरी सुविधाओं का अभाव है। प्रदेश स्तर पर किरकिरी के बाद भी इनमें सुधार नहीं हो रहा।
विशेषज्ञों की कमी, आईसीयू की व्यवस्था नहीं
जिले के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। जिला अस्पताल में कई वर्ष से कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। जिले के किसी सरकारी अस्पताल में आईसीयू और ट्रामा सेंटर की सुविधा अब तक नहीं है। ऐसे में लोगों को गंभीर हालात में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। संवाद
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2023 के अंत तक खसरा रूबेला उन्मूलन का लक्ष्य
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि सरकार ने 2023 के अंत तक खसरा रूबेला के उन्मूलन का लक्ष्य रखा है। 2022-23 में 155078 गर्भवतियों के टीकाकरण का लक्ष्य था। 153543 गर्भवतियों को टीका लगाया गया। एक वर्ष तक के 137847 बच्चों के सापेक्ष 131558 को टीका लगाया गया।
रेफरल यूनिट बनकर सिमट गए अस्पताल
जिले में सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक, गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और आईसीयू की व्यवस्था न होने के कारण ऐसा हो रहा है। कई बार तो गंभीर हालत में रेफर किए जाने वाले मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
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स्वीकृत पद तैनाती
समूह ख- 215 82
समूह ग- 1284 528
समूह घ- 281 176
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डॉक्टरों की तैनाती
स्वीकृत पद- 237
तैनाती- 163
रिक्त- 74
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सीएचसी स्तर पर
डॉक्टरों के पद-48
तैनाती-15
रिक्त पद-33
वर्जन-
शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में बरेली टॉप के जिलों में शामिल है। ऑनलाइन डाटा फीडिंग में पिछड़ने के कारण रैंक खराब हुई थी। अब इसमें भी सुधार होगा। डॉक्टरों के रिक्त पद भरने के संबंध में शासन को लिखा गया है। - डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ