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Bareilly News: संविदाकर्मियों का ईपीएफ और ईएसआई डकार गई कंपनी

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बरेली। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के करीब 750 संविदा कर्मचारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। आउटसोर्स कंपनी (ओरियन सिक्योरटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड) ने उनके छह महीने की अवधि का ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) और ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) की किस्तें तो वेतन से काट लीं, लेकिन जमा नहीं कराईं। विद्युत वितरण निगम से भुगतान लेने के बाद भी राज्य और केंद्र सरकार को जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) भी नहीं जमा किया। तीन करोड़ रुपये से अधिक का घपला सामने आने पर कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है और अब रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
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आउटसोर्स कंपनी ने चार विद्युत वितरण खंडों के कर्मचारियों का एक करोड़, 58 लाख, 52 हजार, 137 रुपये ईपीएफओ और ईएसआईसी में जमा नहीं किया है। साथ ही एक करोड़, 49 लाख 49 हजार 231 रुपये जीएसटी के नहीं चुकाए हैं। विद्युत वितरण खंड बरेली प्रथम के संविदा कर्मचारियों के ईपीएफ का 39.77 लाख, ईएसआई का 6.37 रुपये और जीएसटी के 33.90 लाख रुपये जमा नहीं किए। वहीं, द्वितीय खंड के कर्मियों के ईपीएफ के 24.49 लाख, ईएसआईसी के 6.12 लाख और जीएसटी के 40.11 लाख रुपये कंपनी दबा गई।
आंवला के संविदा कर्मचारियों का ईपीएफ का 31.10 लाख, ईएसआईसी का 5.04 लाख और जीएसटी का 41.90 लाख रुपये तथा बहेड़ी के संविदाकर्मियों के ईपीएफ के 39.32 लाख, ईएसआईसी के 6.29 लाख और जीएसटी के 33.57 लाख रुपये नहीं दिए।
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बार-बार चेताया गया, पर कोई असर नहीं हुआ
अधीक्षण अभियंता अशोक कुमार चौरसिया ने बताया कि कर्मचारियों का ईपीएफ, ईएसआईसी और राज्य व केंद्र सरकार को भेजा जाने वाला जीएसटी भी नहीं जमा किया। जबकि इसके लिए कंपनी को बार-बार चेताया गया। मुख्यालय से कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है और कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों समेत सात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। रिपोर्ट दर्ज होने की प्रतीक्षा है।
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कंपनी की जमानत राशि जब्त की गई
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि कंपनी की एक करोड़, 20 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई है। अगली कार्रवाई मुख्यालय के निर्देशों पर होगी।
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