हिंदू संगठनों की भारी भीड़ थी बैठक में, थाने में प्रदर्शन की भी थी सूचना
बरेली। थाना किला में मंगलवार को हुए बवाल के दौरान गैरजिम्मेदाराना ढंग से काम करने पर कई अफसर घिर गए हैं। शुरुआती छानबीन में पता चला है कि चार घंटे से ज्यादा समय तक थाने में उपद्रव के बावजूद एसएसपी को इसकी सूचना नहीं दी गई। भाजपा, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद आदि संगठनों ने एक दिन पहले ही थाने आकर ज्ञापन देने की घोषणा की थी। थाने आने से पहले एक स्कूल में बैठक की। थाने और सर्किल के अफसरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। खुफिया विभाग भी घटना को लेकर पनप रहे आक्रोश का पता लगाने में नाकाम रहा।
थाना किला में मंगलवार को भाजपा नेताओं के साथ पहुंचे हिंदू संगठनों की ओर से ज्ञापन देने के दौरान हुए बवाल की एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में ही थाने और सर्किल के पुलिस अफसरों और खुफिया तंत्र की विफलता साफ तौर पर जाहिर हो गई है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक थाने जाकर ज्ञापन देने और शांतिपूर्ण ढंग से विरोध जताने की जानकारी संगठनों ने एक दिन पहले ही पुलिस और खुफिया विभाग को दे दी थी। इसके बावजूद थाना पुलिस और अधिकारियों ने भीड़ से निपटने की कोई तैयारी नहीं की। उच्चाधिकारियों को सूचना तक नहीं दी गई, न थाने में अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष केएम अरोरा के इस आरोप का भी अफसरों ने संज्ञान लिया है कि सीओ और इंस्पेक्टर से बातचीत के दौरान एक जिलास्तरीय नेता ने जब बात रखने की कोशिश की तो इंस्पेक्टर ने डपटकर उसे बैठ जाने को कहा। कहा जा रहा है कि यही बात भीड़ में मौजूद लोगों को नागवार लगी और उन्होंने कुर्सियां तोड़नी शुरू कर दीं। सीओ ने भी भीड़ को रोकने या समझाने की कोशिश करने के बजाय फोर्स को लाठीचार्ज का आदेश देकर भीड़ का गुस्सा और बढ़ा दिया। वह भी ऐसी स्थिति में जब थाने में जरूरत के मुताबिक फोर्स नहीं था। इसके बाद एसपी सिटी ने भी माइक पर लोगों को हड़काना शुरू किया तो स्थिति और बिगड़ गई।
उच्चाधिकारियों को यह भी जानकारी मिली है कि थाने आने से पहले भारी तादाद में हिंदू संगठनों के लोगों ने कुदेशिया फाटक के पास एक स्कूल में बैठक करके रणनीति बनाई थी। पुलिस ने इस बैठक की न निगरानी कराने की कोशिश की न हिंदू संगठनों को स्कूल में ही रोककर ज्ञापन लेने की सूझबूझ दिखाई। स्कूल से ही भीड़ एक साथ कूच कर थाने पहुंची। भारी भीड़ होने के बाद भी अधिकारियों ने सख्त रवैया दिखाई और थाने में बवाल के काफी देर बाद तक एसएसपी और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी। थाने से वायरलेस कर जब दूसरे थानों से फोर्स मांगा गया तो फरीदपुर से लौटते डीआईजी ने इसका संज्ञान लिया।
एसपी देहात देंगे लापरवाही की रिपोर्ट
थाने में चल रहे बवाल की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी गई। हम फरीदपुर से लौट रहे थे तो थाने के वायरलेस से ही इसका पता चला। एसएसपी से पूछा गया तो उन्हें भी सिर्फ कुछ लोगों के ज्ञापन देने के लिए थाने पहुंचने की जानकारी थी। पूरा मामला पता चलने के बाद सभी अधिकारी थाने पहुंचे जिसके बाद माहौल ठीक हो गया। किस अधिकारी की किस-किस स्तर पर लापरवाही रही, एसपी देहात इसकी जांच करके रिपोर्ट देंगे। - राजेश पांडेय, डीआईजी