स्वास्थ्य विभाग रोगियों के जीवन के प्रति किस कदर लापरवाह है, इसका नमूना बिथरी चैनपुर पीएचसी पर देखने को मिला है। एडी हेल्थ के निरीक्षण में यहां इमरजेंसी ट्रे में एक्सपायर इंजेक्शन रखे मिले। एडी ने इसे बड़ी चूक मानते हुए स्टाफ का जवाब तलब किया है। पिछले दिनों जब जिला अस्पताल में भाजपा नेताओं एक्सपायर दवाएं मिलने पर हंगामा किया था तो स्टाफ ने इसे साजिश बताया था। इसे लेकर भाजपा नेताओं और जिला अस्पताल स्टाफ के बीच मारपीट भी हुई थी।
बिथरी चैनपुर पीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची एडी हेल्थ डॉ. प्रमिला गौड़ को इमरजेंसी ट्रे में एक्सपायर इंजेक्शन रखे मिले थे। इस पर उन्होंने एमओआईसी को फटकार लगाई। चेतावनी भी दी कि भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न हो। एक्सपायर इंजेक्शन इमरजेंसी ट्रे में कैसे पहुंचे, इसका जवाब भी मांगा गया है। निरीक्षण के दौरान पीएचसी प्रभारी का स्टाफ पर नियंत्रण न होने की बात भी सामने आई।
और केंद्रों पर भी हो सकती हैं एक्सपायर दवाएं
बिथरी चैनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं, जिले के और सरकारी अस्पतालों में भी एक्सपायर दवाएं हो सकती हैं। दरअसल, एक या दो महीने पहले एक्सपायर हुईं दवाओं को नष्ट करने पर कोई ध्यान ही नहीं दिया जाता है। सूत्रों ने बताया कि यही वजह है कि अक्सर एक्सपायर इंजेक्शन और दवाएं पकड़ी जाती हैं।
कोट
निरीक्षण के दौरान बिथरी चैनपुर पीएचसी पर कई खामियां मिली थीं। यहां इमरजेंसी ट्रे में एक्सपायर इंजेक्शन मिलने पर स्टाफ को कड़ी चेतावनी दी गई है। जवाब भी मांगा गया है कि एक्सपायर इंजेक्शन इमरजेंसी-ट्रे तक कैसे पहुंच गए। सभी केंद्रों को एक्सपायर दवाएं तत्काल हटाने को कहा गया है।
- डॉ. प्रमिला गौड़, एडी हेल्थ
जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी तक एक्सपायर दवाओं का इस्तेमाल हो रहा है। यह चिंताजनक है। यह सब कैसे और कहां से हो रहा है, इसकी गहराई से जांच करके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
- हर्षवर्धन आर्य, ब्रज प्रांत उपाध्यक्ष, भाजपा