ये हैं प्रस्तावित कॉरिडोर
पहला चरण : 12 किमी
जंक्शन, चौकी चौराहा, गांधी उद्यान, सेटेलाइट बस अड्डा, बीसलपुर चौराहा, तुलसीनगर, विश्वविद्यालय, सौ फुटा, फीनिक्स मॉल, सन सिटी से बैरियर टू तक।
दूसरा चरण : 9.5 किमी
चौकी चौराहे से पटेल चौक, कुतुबखाना बाजार, कोहाड़ापीर, डीडीपुरम, डेलापीर सब्जी मंडी, आईवीआरआई, नार्थ सिटी एक्सटेंशन से बैरियर टू तक।
पानी के लिए खड़ी रही टीम, निगम की ओर से नहीं भेजा गया टैंकर
दरअसल, जमीन की गहराई की जांच करने पहुंची टीम को मशीनों के साथ पानी की जरूरत होती है। ऐसे में टीम ने सुबह ही नगर निगम से पानी की व्यवस्था करने के लिए आग्रह किया था। टीम के साथ आए अधिकारियों ने बताया कि सुबह से वह पानी का इंतजार कर रहे हैं। अपराह्न तीन बजे तक टीम को पानी नहीं मिल सका था।
राइट्स की ओर से एमआरटीएस (मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) के लिए एएआर (अल्टरनेटिव एनालिसिस रिपोर्ट) दिया जाना अभी बाकी है। इसमें सार्वजनिक परिवहन विकल्पों का विवरण, वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन साधनों के लिए गुणात्मक व लागत आधारित स्क्रीनिंग जैसे बिंदु शामिल होंगे। एमआरटीएस नेटवर्क का कार्य प्रगति पर है। बीडीए को सौंपी गई रिपोर्ट में यातायात अध्ययन, यात्रा मांग पूर्वानुमान, यात्रियों का अनुमान, सिस्टम चयन व कार्य कार्यक्रम के परिणाम शामिल हैं।
बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए. ने कहा कि जमीन की जांच शुरू करा दी गई है। डीपीआर इस माह के अंत तक पूरी हो जाएगी। जिसमें यह साफ हो जाएगा कि मेट्रो चलेगी या लाइट मेट्रो।