नया मेडिकल स्टोर खोलना अब और महंगा हो गया है। एक अप्रैल से रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण का शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव है। ऑनलाइन रजिस्ट्र्रेशन ॥भी शुरू हो गये हैं। एक फार्मासिस्ट सिर्फ एक दुकान के लिए पंजीकृत किए जा रहे हैं। ऐसे में कई दुकान खोलने वाले कारोबारियों को एक से अधिक फार्मासिस्ट हायर करना पड़ेगा जिससे फार्मासिस्टों की मांग भी बढ़ेगी।
केंद्र सरकार की ओर से ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 में बदलाव के चलते नई दवा की दुकान खोलने पर अब 30 हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। पहले यह शुल्क मात्र तीन हजार रुपये था। पांच साल पहले यह शुल्क पांच सौ रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये किया गया। इससे खुदरा दवा बेचने वाले कारोबारियों को हर पांच साल बाद नवीनीक रण के लिए तीस हजार रुपये खर्च करने पड़ेंगे। हालांकि इसका विरोध शुरू हो चुका है। इसको लेकर भारत बंद की तैयारी भी की जा रही है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से धोखाधड़ी पर लगेगा अंकुश
जुलाई 2015 से नया मेडिकल स्टोर खोलना हो या फिर पुरानी दुकान का नवीनीकरण कराना हो, सब ऑनलाइन होगा। इससे एक फार्मासिस्ट कई दुकानों में पंजीकरण नहीं करा सकेगा, क्योंकि फार्मासिस्ट के नाम और फार्मासिस्ट काउंसिल के नंबर को सिर्फ एक ही बार स्वीकार किया जायेगा।
वर्जन--
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से प्रोपराइटर को अधिक फार्मासिस्ट रखने पड़ रहे हैं, इससे उनकी मांग बढ़ी है। वहीं रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाने का विरोध भी चल रहा है। आने वाले दिनों में मेडिकल स्टोर चलाना महंगा साबित हो रहा है। सबसे ज्यादा समस्या गांव में होगी।
- दुर्गेश खटवानी, अध्यक्ष महानगर केमिस्ट एसोसिएशन बरेली
एक नजर--
मेडिकल स्टोर 1796
होल सेलर 1100