डीजल की कीमत बढ़ने से खेती की लागत बढ़ेगी
प्रगतिशील किसान सर्वेश गंगवार के मुताबिक धान की नर्सरी और रोपाई का समय शुरू होने वाला है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती के बीच ट्यूबवेल संचालन के लिए डीजल पर निर्भरता बढ़ जाती हैं। ऐसे में खेती की लागत बढ़ने की आशंका है। कृषि यंत्रों का किराया और सिंचाई खर्च भी बढ़ सकता है। फसल उत्पादन लागत बढ़ेगी तो मुनाफा के लिए ऊंची दर पर बिक्री होगी।
उत्पादन, परिवहन लागत का ग्राहकों पर पड़ेगा असर
उद्यमी केके चंदानी के मुताबिक, ईंधन महंगा होने से उत्पादन लागत भी प्रभावित हो रही है। गत्ता, खाद्यान्न, डेयरी, आटा, फर्नीचर और पैकेजिंग उद्योग में कच्चे माल की ढुलाई महंगी हो गई है। मंडियों में बाहर से आने वाले फल और सब्जियों की लागत भी बढ़ रही है। पहले ही मंदी से जूझते उद्योगों के लिए परिवहन लागत बढ़ने से उत्पादों की कीमत बढ़ेगी या वजन कम करना होगा। इसका असर उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।
ऐसे बढ़ी ईंधन की कीमत
| तिथि |
डीजल की कीमत |
पेट्रोल की कीमत |
| 15 मई |
90.93 |
97.66 |
| 19 मई |
91.84 |
98.53 |
| 23 मई |
92.75 |
99.39 |
| 25 मई |
95.47 |
102.00 |