बरेली। रोजगार के दरवाजे खोलने के लिए कॉमन इंक्यूबेशन सेंटर का संचालन जल्द शुरू होगा। निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अगले सप्ताह मशीनें भी आ जाएंगी। इससे बेरोजगार और किसान भी उद्यमी बन सकेंगे। शुरुआत दूध, टमाटर प्रसंस्करण और बेकरी उत्पाद से होगी।
खाद्य क्षेत्र में बढ़ती जा रही रोजगार की संभावना और युवाओं के रुझान को देखते हुए वर्ष 2020 में प्रदेश सरकार ने फूड प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर निर्माण को मंजूरी दी थी। बरेली के लिए 3.27 करोड़ रुपये मंजूर हुए। निर्माण के लिए डेलापीर चौराहा के पास राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र परिसर स्थित उद्यान विभाग की सात हजार वर्गफीट जमीन चिह्नित हुई।
वर्ष 2022 में निर्माण कार्य की मंजूरी मिली पर विधानसभा चुनाव के चलते प्रक्रिया स्थगित रही। प्रस्तावित भवन का नक्शा संशोधित हुआ। बीते वर्ष निर्माण शुरू हो गया। जो अब पूरा हो गया है। राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के प्रधानाचार्य रमेश चंद्र के मुताबिक संचालन की कवायद हो रही है। व्यक्तिगत, किसान उत्पादक संगठन, स्वयं सहायता समूह, सहकारी साझेदारी फर्म, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी और उद्यमी आवेदन कर सकते हैं। छह नवंबर आवेदन की अंतिम तिथि है।
अलग-अलग स्थापित होंगी प्रोसेसिंग लाइन, बनेंगे उत्पाद
प्रधानाचार्य के मुताबिक इंक्यूबेशन सेंटर में दूध और उससे निर्मित होने वाले खोआ, पनीर, दही, मिठाई, रबड़ी की प्रोसेसिंग लाइन रहेगी। वहीं, टमाटर में टोमैटो सॉस और प्यूरी बनाने और बेकरी में कुकीज और टोस्ट बनाने की प्रोसेसिंग लाइन होगी। बताया कि करीब एक करोड़ की लागत से भवन तैयार हुआ है। 1.86 करोड़ रुपये की मशीनें लगेंगी। करीब 25 लाख की लागत से फूड टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएगी।
मंडी में न बिके, इंक्यूबेशन सेंटर पर बेच दें टमाटर
डेलापीर सब्जी मंडी में टमाटर की बिक्री के लिए किसान पहुंचते हैं। कई बार माल की पूरी बिक्री न होने पर वे उसे फेंक देते हैं। इससे कई महीनों की मेहनत बर्बाद होती है। इस इंक्यूबेशन सेंटर पर टमाटर की बिक्री कर सकते हैं या इससे संबंधित उत्पाद बनवाकर बाजार में बेच सकते हैं। इसके लिए उन्हें सरकार की ओर से निर्धारित मूल्य का भुगतान करना होगा। वहीं, बेरोजगार भी प्रशिक्षण लेकर योजना का लाभ ले सकेंगे।
दूध और बेकरी खाद्य पदार्थ की है सर्वाधिक मांग
उद्योग विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में करीब 40 फीसदी खाद्य प्रसंस्करण यूनिट ही हैं। बेकरी पदार्थों में कुकीज, टोस्ट चुनने की वजह रही कि ये सामान्य तापमान में भी लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। एक जिला एक उत्पाद में बरेली से दूध शामिल है। इसलिए इसे मुख्य लाइन बनाया गया है। इससे तैयार उत्पादों में शुद्धता की गारंटी होगी। डेयरी फार्मर, किसान अपने उत्पाद तैयार कर बाजार में बेच सकेंगे। अजीत प्रताप सिंह