सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से भेजी गई जापानी इंसेफेलाइटिस वैक्सीन शनिवार को उपकेंद्रों पर बच्चों को लगाई गई। इसमें एक्सपायर्ड वैक्सीन भी थी। इसे बच्चों को लगाने की खबर मिलने पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने वैक्सीनेशन रुकवा दिया। बच्चों को खराब वैक्सीन लगाने की जानकारी मिलने पर गांवों हड़कंप मच गया। लोग उपकेंद्रों पर जमा हो गए और नाराजगी जताने लगे।
जानकारी के अनुसार जापानी इंसेफेलाइटिस के टीकाकरण अभियान के तहत सीएचसी पर 26 अक्तूबर को कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन कुछ एएनएम छठ पूजा के चलते नहीं आई थीं। इस बीच 27 अक्तूबर को वैक्सीन एक्सपायर हो गई। जिन बच्चों को 26 अक्तूबर में टीका नहीं लग सका उन्हें 28 अक्तूबर को टीकाकरण के लिए सेंटरों पर बुलाया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने एक्सपायर वैक्सीन ही बच्चों को लगा दी। गांव वालों को जब ये पता चला तो वे उपकेंद्रों पर जमा हो गए और नाराजगी जताने लगे। इस पर फरीदपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. रोहन ने सभी सब सेंटरों पर वैक्सीनेशन रुकवा दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीत शुक्ला को भी इसकी सूचना दे दी। उन्होंने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की है।
ऐसे एक्सपायर वैक्सीन पहुंची सेंटर
26 अक्तूबर को टीकाकरण कार्यक्रम किया गया, लेकिन इस दौरान पांच एएनएम छठ पूजा की छुटटी पर थी। इनकी वैक्सीन को फ्रिज में रखवा दिया गया, इसी फ्रिज में टीकाकरण के लिये कर्मचारियों ने नई वैक्सीन भी रख दी। 28 अक्तूबर को नई और पुरानी दोनों ही वैक्सीन टीकाकरण के लिए सब सेंटरों पर पहुंच गईं।
कोट
सूचना मिलते ही तत्काल वैक्सीन का प्रयोग रुकवा दिया गया। मामले की जांच की जा रही है। प्रतिरक्षण अधिकारी रजनी वर्मा का जवाब तलब किया गया है।
डॉ. रोहन, प्रभारी चिकित्साधिकारी
किसी भी बच्चे को एक्सपायर्ड वैैक्सीन नहीं लगाई गई है। सब सेंटरों पर खराब वैक्सीन पहुंचने की सूचना मिलते ही वैक्सीनेशन रुकवा दिया गया था। गलती से एक्सपायरर्ड वैक्सीन सब सेंटरों पर पहुंच गई। इसकी जांच कराई जा रही है।
डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ