बरेली। सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान मंगलवार को दूसरे दिन भी जंक्शन पर आपाधापी के हालात बने रहे। जंक्शन, बरेली सिटी और इज्जत नगर स्टेशनों पर अतिरिक्त काउंटर व हेल्प डेस्क के बाद भी परीक्षार्थियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। बरेली होकर चलाई गईं बरेजह-मथुरा और मुरादाबाद-सीतापुर परीक्षा विशेष गाड़ियां भी नाकाफी साबित हुईं।
मंगलवार को भी शहर के 19 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में 13 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। पहली पाली में दोपहर 12 और दूसरी में शाम पांच बजे परीक्षा छूटने के बाद रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर यात्रियों का दबाव बढ़ गया।
ट्रेन पकड़ने की आपाधापी में अभ्यर्थी खुद की सुरक्षा को नजरअंदाज करते दिखे। जंक्शन पर काफी संख्या में अभ्यर्थी रेलवे ट्रैक पर आ गए। सुरक्षा दांव पर लगाते हुए फुट ओवरब्रिज के स्थान पर एक प्लेटफाॅर्म से दूसरे पर जाने के लिए रेल लाइन पार करते नजर आए।
रेलवे ने दोपहर 12 से एक बजे और शाम पांच से छह बजे तक बरेली होकर गुजरने वाली गाड़ियों को जंक्शन पर अतिरिक्त ठहराव दिया। दो जोड़ी परीक्षा विशेष गाड़ियां होने के बावजूद नियमित गाड़ियों के कोचों पर अभ्यर्थियों के कब्जे की शिकायत आती रहीं। अभ्यर्थी ट्रेनों के पायदान, लगेज, महिला और दिव्यांग कोचों में भी यात्रा करते दिखे।
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हादसों की आशंका को लेकर किए अतिरिक्त इंतजार
जंक्शन पर हादसों की आशंका को देखते हुए मंगलवार को भी अतिरिक्त प्रबंध किए गए। व्यवस्था बनाए रखने के लिए जीआरपी और आरपीएफ के अलावा सिविल पुलिस को भी तैनात किया गया। प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर गाड़ियां आने के दौरान बैरीकेडिंग करनी पड़ी, लेकिन परीक्षार्थी बैरीकेडिंग को तोड़ते नजर आए।
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चालकों की कमी बनी बाधा, कई रूटों पर रोडवेज बसों की किल्लत
चालकों की कमी के कारण मंगलवार को भी कई रूटों पर रोडवेज बसों की किल्लत रही। बरेली और रुहेलखंड डिपो व क्षेत्रीय कार्यशाला से 80 बसें बाहर ही नहीं निकलीं। रोडवेज की ओर से अभ्यार्थियों को किराये में 50 फीसदी छूट दी जा रही है। दूसरी ओर आगरा, मथुरा, अलीगढ़, रामपुर, फर्रुखाबाद, सीतापुर, हरदोई, कानपुर, पीलीभीत रूटों पर बसों की कमी के कारण परीक्षार्थियों को ट्रेनों का रुख करने को मजबूर होना पड़ा।