विश्वविद्यालय ने मुख्य परीक्षा के लिए अभी सिर्फ 161 परीक्षा केंद्र बनाए हैं जबकि जरूरत 175 केंद्र की है। नए कॉलेजों मेें केंद्र बनाने पर कुलपति को फैसला लेना है। सिटी डिग्री कॉलेज नगीना में भी परीक्षा तो कराई जाएगी लेकिन केंद्र व्यवस्थापक विश्वविद्यालय का होगा। कक्ष निरीक्षक कहां से जाएंगे, इस पर फैसला नहीं हो सका है। विश्वविद्यालय का कहना है कि ऐसा और कोई कॉलेज नहीं मिल रहा जहां सिटी डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र बनाया जा सके। इसलिए उपर्युक्त व्यवस्था की गई है। इस बार एडेड कॉलेज और राजकीय डिग्री कॉलेजों ने अपने यहां पर परीक्षा केंद्र बनाने से हाथ खींचे तो विश्वविद्यालय को निजी कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बनाने का मौका मिल गया। इस बार अधिकतर निजी कॉलेजों में भी स्व केंद्र जैसे हालात होंगे।