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करोड़ों की बिजली चोरी के सबूत नष्ट, शासन को भेजी रिपोर्ट में भी गोलमाल

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light - फोटो : light
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एमडी को भेजी रिपोर्ट में ट्रांसफार्मर का जिक्र नहीं, सामान्य चोरी बताकर पल्ला झाड़ा

बहेड़ी। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के प्रभार वाले जिले में ही बिजली विभाग अराजकता की हद पार कर रहा है। बंद पड़ी कताई मिल में अवैध पॉवर हाउस बनाकर करोड़ों की बिजली चोरी कराने का मामला शासन तक पहुंचने के बावजूद अफसर लगातार हेराफेरी में जुटे हुए हैं। शासन को भेजी रिपोर्ट में भी फर्जीवाड़ा कर दिया गया है। इसमें न कताई मिल में विभागीय ट्रांसफार्मर पकड़े जाने का जिक्र है न चोरी की जा रही बिजली का सही लोड बताया गया है।
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करीब 30 साल से बंद पड़ी कताई मिल की हाईटेंशन लाइन पर बिजली विभाग का 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर कई सालों से बड़े पैमाने पर विभागीय अफसर बिजली चोरी करा रहे थे। चार दिन पहले यह मामला पकड़ा गया तो इस पर लीपापोती शुरू कर दी गई। करोड़ों की चोरी होने के बावजूद नियमों के मुताबिक इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई। अमर उजाला में खबर छपने के बाद जोनल अफसरों की जानकारी में मामला आया तो उन्होंने बहेड़ी के एक्सईएन से पूछताछ की। मौके पर 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लगे होने के बावजूद एक्सईएन ने सिर्फ 10 किलोवाट की सामान्य चोरी का मामला बताते हुए सिर्फ 4.60 लाख रुपये के आंकलन के साथ रिपोर्ट भेजी तो साफ हो गया कि बिजली चोरी में अफसरों की भी मिलीभगत थी।
इसी बीच यह मामला शासन तक पहुंच गया। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सूर्यपाल गंगवार ने इस पर रिपोर्ट मांगी तो जोन कार्यालय से वहां भी अधूरे तथ्यों के साथ गलत रिपोर्ट भेज दी गई। इस रिपोर्ट में दस किलोवाट की सामान्य चोरी का मामला बताते हुए सिर्फ 4.60 लाख रुपये के असेसमेंट का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में यह जिक्र भी नहीं है कि कताई मिल में पकड़ा गया ट्रांसफार्मर विभागीय था। बताया जा रहा है कि छापे के दौरान कताई मिल के गार्ड राजीव दुबे ने ट्रांसफार्मर के साथ पूरा सिस्टम लगाने वालों के नाम भी बताए थे। एक्सईएन बहेड़ी ने इसकी भी रिपोर्ट नहीं बनाई।

अफसर बेखौफ, चार दिन बाद भी नहीं दर्ज कराई एफआईआर

बड़े पैमाने पर बिजली चोरी के मामले में चार दिन बाद भी एक्सईएन बहेड़ी की ओर से रिपोर्ट तक नहीं दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि अब तक एक्सईएन ने मौके पर निरीक्षण तक नहीं किया। इस बीच बिजली चोरोें ने मौके पर मौजूद बिजली उपकरण, केबिल, मोटर आदि सबूत गायब कर दिए। बिजली विभाग के सूत्रों के मुताबिक यह बिजली चोरी उच्चाधिकारी के इशारे पर हो रही थी। इसी वजह से अब इस मामले में खुलकर लीपापोती की जा रही है। छापे के दौरान चेकिंग टीम ने जो वीडियो बनाया था, उसका भी कहीं अता-पता नहीं है। इस वीडियो में केबिल का फैलाव, सप्लाई की लाइनें और पैनल सबकुछ साफ दिख रहा था।

बंद कताई मिल में पकड़े गए अवैध पावर हाउस में विभाग का ट्रांसफार्मर इस्तेमाल किए जाने की एक्सईएन और एसडीओ ने एफआईआर दर्ज नहीं कराई है जो घोर लापरवाही है। एक्सईएन से थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा गया है। मौके से कोई सामान जब्त न करने और सबूत नष्ट होने पर एसडीओ को जिम्मेदार माना जाएगा। -सैय्यद तारिक जलील, एसई ग्रामीण

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