बरेली। इज्जतनगर की आलोक नगर कॉलोनी में घर के कमरे में दबा सात साल की बच्ची का शव निकालकर रविवार को पोस्टमार्टम कराया गया तो सामने आए सच ने हर किसी को दहला दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मासूम के शरीर पर चाकू जैसे धारदार हथियार के 17 गहरे घाव मिले। ताबड़तोड़ वार से उसके कई अंदरूनी अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे और खून के अत्यधिक रिसाव से उसकी मौत हुई थी। पुलिस को बच्ची के मां-बाप के अलावा बुआ समेत कुछ और लोगों का भी बच्ची की नृशंस हत्या में हाथ होने का शक है। बच्ची की दस साल की बड़ी बहन भी लापता है जिसके बारे में पुलिस छानबीन कर रही है।
वैसे तो नगर निगम कर्मचारी रवि की पत्नी रितु पर सात साल की सौतेली बेटी काजल की हत्या का आरोप है लेकिन रवि और उसकी बहन के साथ उनके कुछ करीबियों का भी इसमें हाथ बताया जा रहा है। काजल के दो दिन से लापता होने के बाद उसकी दादी और पड़ोसियों की शिकायत पर पुलिस ने रवि और रितु को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने स्वाभाविक मौत के बाद शव को घर के ही कमरे में दबाने की बात स्वीकार की थी। शनिवार को पुलिस ने डीएम से शव निकालने की अनुमति मांगी थी। रविवार दोपहर कमरे में करीब डेढ़ मीटर लंबे और तीन फुट गहरे गड्ढे से निकाला गया। गड्ढे के ऊपर टाइल्स भी लगा दी गई थीं। बच्ची जींस-टॉप पहने थी। शव गलाने के लिए नमक भी डाला गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो पुलिस भी दहल गई। मासूम के शरीर पर चाकू जैसे धारदार हथियार के 17 घाव मिले। मौत की वजह अत्यधिक खून का रिसाव बताया गया। मौत का समय दो से चार दिन पहले बताया गया है।
अफसरों के साथ भारी फोर्स पहुंची शव को निकालने, भीड़ को संभालना हुआ मुश्किल
पुलिस आलोक नगर में घर में दबा बच्ची का शव निकालने पहुंची तो भारी भीड़ जुट गई। छतों पर इकट्ठे लोग पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे। मौके पर प्रभारी एसपी सिटी सुशील कुमार, सीओ थ्री श्वेता यादव, एसीएम, इज्जतनगर इंस्पेक्टर समेत काफी संख्या में पुलिस थी। भीड़ हटाने के लिए पुलिस को कई बार लाठियां फटकारनी पड़ीं।
हत्या की आरोपी सौतेली मां का आरोप- ननद ने की हत्या
बच्ची का पिता हत्या के वक्त बाहर होने की बात कहकर बचता रहा तो सौतेली मां ने अपने बचाव के लिए दूसरा दांव खेला। महिला पुलिस ने उसकी खबर ली तो उसने बताया कि बच्ची को संजयनगर निवासी बुआ मारती पीटती थीं। उसी ने हत्या की है। उसने पति के साथ शव को छिपाने में मदद की। पुलिस अब बुआ की तलाश कर रही है।
ताबड़तोड़ वार से फट गईं आतें
बच्ची को जिस गड्ढे से निकाला गया, उसमें मल देखकर पुलिस चौंक गई। फोरेंसिक टीम ने भी जांच की। लगा कि बच्ची को घायल करके जिंदा दफना दिया गया होगा लेकिन पोस्टमार्टम में इसकी पुष्टि नहीं हुई। पता लगा कि पेट पर धारदार हथियार के वारों से आंत बुरी तरह फट गई थी और मल बाहर आ गया था।
पड़ोसी बोले- सौतेली मां ने नर्क बना दी थी दोनों बेटियों की जिंदगी
इलाके के भाजपा नेता मिंटू सिंह और पड़ोसियों का कहना था कि सौतेली मां रितु ने दोनों बेटियों की जिंदगी नर्क बना दी थी। घर का पूरा काम कराने के बावजूद वह उन्हें भूखा रखती थी और काम न करने पर गर्म चिमटे से शरीर दागती थी। उन्होंने आशंका जताई कि लापता बड़ी बेटी भी अनहोनी का शिकार हो सकती है। वह मां से परेशान होकर दो बार घर से भाग भी चुकी थी। मां के अत्याचार में पिता और इसी घर में बेटे के साथ रहने वाली बुआ की भी मूक सहमति थी। दादी भी उत्पीड़न पर खामोश रहती थी। कुछ पड़ोसियों का यह भी कहना था कि बच्ची की मां के पास लोगों का आना-जाना लगा रहता था। दोनों बेटियां समझदार हो गई थीं और कई बातों का विरोध करती थीं। रितु को इनसे खतरा महसूस होने लगा था। तभी उसने इन्हें रास्ते से हटा दिया।
यह बहुत दुस्साहसिक घटना है। बच्ची के शरीर पर काफी घाव मिले हैं। मां के अलावा उसकी हत्या में किसका हाथ है और शव छुपाने में किसने मदद की है, यह छानबीन की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। - शैलेश पांडेय, एसएसपी