बरेली। जिले में बिक रहे हर दूसरे खाद्य पदार्थ में मिलावट की जा रही है। दवाओं का हर 20वां नमूना फेल साबित हो रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आंकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं। मिलावटखोर आम नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। पकड़े जाने पर वे मामूली जुर्माना अदा कर बच जाते हैं। इससे उनके हौसले बुलंद हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय गोयल के मुताबिक, पिछले वर्ष खाद्य पदार्थों के 945 नमूने लिए गए थे। इसमें से 482 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। वहीं, अप्रैल 2025 में प्राप्त 158 नमूनों में से नौ असुरक्षित, 75 अधोमानक, छह मिस ब्रांड पाए गए। मिलावटखोरों के खिलाफ संबंधित न्यायालयों में वाद दायर किए गए हैं।
औषधि निरीक्षक राजेश कुमार के मुताबिक, टीम ने पिछले वर्ष दवाओं के 376, पशुओं की दवाओं के 12 और कॉस्मेटिक उत्पादों के छह सैंपल लिए थे। उन्हें जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच में 23 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। दवाओं के 20 नमूनों में साल्ट की सांद्रता कम मिली। तीन नमूने मिस ब्रांड पाए गए। इनमें से 14 मामले में वाद दायर कराया है। फरवरी और मार्च में लिए गए करीब 50 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है।
वहीं, बीते वित्त वर्ष में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोरों से 8.15 लाख रुपये मूल्य की दवाएं सीज कर तीन आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई। दस फार्मा कंपनियों और 12 ब्लड बैंकों का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के लिए रिपोर्ट औषधि विभाग के लखनऊ स्थित मुख्यालय को भेज दी गई है।
दूसरे राज्यों की फार्मा कंपनियों पर भी कार्रवाई की संस्तुति
औषधि निरीक्षक राजेश के मुताबिक, दवाओं के सैंपल अधोमानक मिलने पर संबंधित विक्रेताओं और फार्मा कंपनियों को नोटिस भेजे जाते हैं। अधोमानक 23 नमूनों में से नौ को बनाने वाली फार्मा कंपनियां दूसरे राज्यों में स्थित हैं। संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति के साथ रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
ये दवाएं मिलीं अधोमानक
पार्क फार्मास्युटिकल्स की एनसीईएफ-ओ टेबलेट, महा अवतार प्राइवेट लिमिटेड की बेटनाइल्ड क्रीम, इंडियन हेल्थकेयर की मॉक्स-250, बायोकेम हेल्थकेयर की सेफिक्सीम टेबलेट, बोनसाई फार्मा की एंटीजिन सिरप, जे. डनकैन हेल्थकेयर की सिप्रोफ्लॉक्सासिन टेबलेट आईपी 500 एमजी, पीएफआई नेक्स्ट लाइफ साइंसेज की रेबेप्राजोल सोडियम (ईसी) एंड डॉमपेरिडोन (एसआर), बोनसाई फार्मा किशनपुरा की सेफोमिल-एजेड एलबी सेफिक्सीम, एजिथ्रोमाइसिन एंड लैक्टिक एसिड बैसिलस, जेनेका ड्रग्स सिडकुल रानीपुर हरिद्वार की टरबर्ब 20 टेबलेट, एवोटच बायो रेमेडिक्स की सेफिक्सीम ट्राइहाइड्रेट एंड ऑफ्लाक्सासिन टेबलेट (जेनसेफ ओ), ऑस्केयर रेमेडीज की क्लोपिडेगरॉल एंड एस्पिरिन टेबलेट (क्लोपिरेल प्लस टैब), बॉयो जेनेटिक्स ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड की अल्प्राजोलम टैब आईपी 0.5 एमजी, सिद्धदीप बायोटेक की पैरासिटामॉल 500 और पेंटाकेयर डीएसआर कैप्सूल्स, मॉडर्न लेबोरेटरीज इंदौर की विटामिन बी कॉम्प्लेक्स टेबलेट, कोडिस्टर एंड वेल्सीरेक्स कफ सिरप, टेल्मीसार्टन-40, एस्प्रिन गैस्ट्रोरेसिस्टेंट आईपी-75, प्रेडनीसोलोन सोडियम फास्फेट, एमॉक्सिसिलीन, पोटैशियम काल्बुलेनेट सिरप, मेट्रोपोजोल टेबलेट-50 के सैंपल अधोमानक पाए गए हैं। ये सैंपल स्वास्थ्य विभाग के ड्रग स्टोर और विभिन्न अवैध मेडिकल स्टोर से लिए गए थे। ब्यूरो