बरेली। लोक निर्माण विभाग में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे सच साबित नहीं हुए। कई सड़कें पैचिंग के दो महीने बाद ही उखड़ गई। परेशान लोग शिकायत कर रहे हैं तो मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। नतीजा दिक्कतें बरकरार हैं।
चनेहटी-परगवां का संपर्क मार्ग एक किलोमीटर लंंबा है। मार्ग की हालत खराब होने का मुद्दा कमिश्नर तक पहुंचा तो दिसंबर में पैचिंग हुई। नतीजा जरा सी बारिश में मिट्टी कीचड़ बन गई। दूसरी सड़क चांड़पुर से बल्लिया तक जाती है। छह किलोमीटर लंबी सड़क 2022 में बनी थी। यह सड़क पांच साल भी नहीं चल सकी। लोगों ने लोक निर्माण विभाग को ऑनलाइन शिकायत की थी। शिकायत के बाद मरम्मत हुई लेकिन हालत ऐसी नहीं हुई है कि सुरक्षित सफर हो सके। इस मार्ग पर हर्रामपुर और मिलक समेत कई गांव हैं।
बरेली से चाड़पुर के रास्ते तमाम लोग बदायूं जिले के दातागंज को भी जाते हैं लेकिन सड़क उखड़ी होने से सफर को रफ्तार नहीं मिलती। लोग रास्ता बदलकर बदायूं होते हुए दातागंज की ओर जाने को मजबूर हैं। अमर उजाला ब्यूरो