बरेली। बजट की बारिश में भी शहर के पार्क विकास के प्यासे हैं। हर साल इनके रखरखाव पर 10 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, पर पार्कों में नियमित सफाई तक नहीं हो रही है। कई पार्कों के अंदर व बाहर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। कुछ पार्कों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं तो कहीं दीवारों का प्लास्टर झड़ रहा है। शहरवासियों को सेहत की सौगात देने के लिए लगाए गए ओपन जिम के उपकरण भी खराब हो रहे हैं। इससे सुबह-शाम पार्क में टहलने आने वाले शहरवासियों को दिक्कत हो रही है।
शहर के प्रमुख पार्कों की शनिवार को पड़ताल की गई तो रामपुर बाग स्थित अग्रसेन पार्क की स्थिति सबसे ज्यादा खराब मिली। जहां ओपन जिम के कई उपकरण टूटे पड़े हैं। आसपास कोचिंग सेंटर होने के कारण यहां दिनभर विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों का जमावड़ा रहता है। कई बार टूटे उपकरणों के कारण लोग चोटिल हो जाते हैं। मंडलायुक्त आवास के ठीक सामने बने वीआईपी पार्क में लगे उपकरण तो ठीक मिले, लेकिन वहां काटकर छोड़े गए पेड़ों के तने और डालियां मुख्य रास्तों पर ही पड़ी हैं। इससे रास्ता बंद हो गया है।
आवास विकास कॉलोनी से सटे प्रियदर्शिनी नगर पार्क में बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई हैं। शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी इलाके डीडीपुरम के पास बने पार्क में भी गंदगी का अंबार लगा हुआ है। एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि पार्कों के सुंदरीकरण का काम चल रहा है। जिन पार्क में गंदगी है, वहां सफाई कराई जाएगी।
पार्षद उठा चुके ओपन जिम की बदहाली का मुद्दा
शुक्रवार को वार्ड 23 के पार्षद सतीश कातिब राजेंद्रनगर के ओपन जिम में घटिया उपकरण लगाने का मामला उठा चुके है। उन्होंने ठेकेदार की ओर से लगाए गए उपकरणों को खुलवा दिया था। आरोप था कि इनकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। पार्षद के मामले की शिकायत नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य व महापौर उमेश गौतम से भी की है।