बरेली। नगर निगम बोर्ड की बैठक में पास प्रस्ताव के बाद भी करदाताओं को प्रॉपर्टी टैक्स के बिल में छूट नहीं मिल रही। इसका सॉफ्टवेयर एक अप्रैल को अपडेट होना था, जो नहीं हुआ। इसको लेकर राजेंद्र नगर के पार्षद ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। इसी वजह से जीआईएस सर्वे के बाद डेटा को अपडेट करने में भी देरी हो रही है।
छूट का प्रस्ताव नगर निगम की बोर्ड की बैठक में आचार संहिता से पहले 28 फरवरी को पारित हुआ था। प्रस्ताव के मुताबिक 10 प्रतिशत, 7.5 प्रतिशत व 5 प्रतिशत की दर से करदाताओं को छूट प्रदान की जानी थी। राजेंद्र नगर के पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा है कि साॅफ्टवेयर में परिवर्तन हर साल कई दिनों बाद होता है। इसके कारण निगम सीमा में रहने वाले लोगों को समय से छूट का लाभ नहीं मिलता। इस बार भी अभी छूट मिलने की व्यवस्था चालू नहीं हो पाई है। न ही किसी सर्वे कंपनी की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स बिल बांटे गए हैं। पार्षद ने सॉफ्टवेयर अपडेट करवाकर करदाताओं को जल्द बिल भेजने की मांग की है।
80 हजार भवन जुड़ेंगे प्रापर्टी टैक्स से
नगर निगम के पास मौजूदा समय में कुल 1.45 लाख भवन प्रापर्टी टैक्स के अंतर्गत हैं। इसमें जीआईएस सर्वे के बाद करीब 80 हजार मकान और शामिल हुए हैं। लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट न होने के कारण सर्वे का किसी को फायदा नहीं मिल रहा है।
भवन एक लेकिन बिल आ रहे तीन-चार
एक भवन के कई आईडी होने से तीन-चार बिल तक लोगों के घर पहुंचे हैं। लोग परेशान हैं कि वह किस आईडी के बिल को भरें? इसी को लेकर निगम बोर्ड की बैठक में छूट का प्रस्ताव भी पास हुआ था, लेकिन अभी तक करदाताओं को इसका कोई फायदा नहीं मिला है। निगम के अधिकारियों ने जारी हुए बिलों का कुछ समय पहले सार्वजनिक प्रकाशन कर एक माह में आपत्ति मांगी थी, जिसमें करदाता अपने जोन कार्यालय में जाकर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। वहीं आपत्ति दर्ज होने के बाद इसका निस्तारण किया जाएगा।
यह प्रस्ताव हुआ था पारित
बोर्ड की बैठक में अप्रैल-मई के कर में 10, जून-जुलाई में 7.5 प्रतिशत और अगस्त-सितंबर के कर में 5 प्रतिशत छूट पर स्वीकृति हुई थी। वहीं ऑनलाइन जमा कर जमा करने वाले को 1 प्रतिशत अतिरिक्त छूट देने का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ था।
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सॉफ्टवेयर अपडेट की बात कहां से उठी है। सॉफ्टवेयर पर तो पहले से ही काम चल रहा है। काम पहले की तरह चल रहा है, किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।
प्रदीप कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी