बरेली। सोने के भाव प्रति 10 ग्राम एक लाख रुपये तक पहुंच चुके हैं लेकिन सुरक्षित निवेश की उम्मीद से इसकी मांग में इजाफा जारी है। सराफा कारोबारियों के मुताबिक, भाव में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है, जबकि आने वाले दिनों में सोने की कीमत और चढ़ सकती है।
सराफा कारोबारी संजीव औतार अग्रवाल के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रस्तावित टैरिफ से वैश्विक बाजार में हलचल की स्थिति है। इस्राइल और ईरान युद्ध जैसे हालात ने सुरक्षित निवेश के लिए सोने की खरीद बढ़ा दी है। कहा कि ट्रंप टैरिफ से सोने की कीमतों में तेजी से जाहिर है भविष्य में गिरावट के आसार कम हैं। आमतौर पर त्योहार, सहालग में भाव बढ़ते हैं, पर अब ऑफ सीजन में बढ़त हुई है। बताया कि शुक्रवार को सोना प्रति 10 ग्राम 99,300 रुपये पर बिका। शनिवार को 700 रुपये बढ़त दर्ज कराते हुए एक लाख पर पहुंच गया। रविवार को भाव स्थिर रहे। रविवार को चांदी प्रति किलो 1,12,500 रुपये कीमत पर बिकी। ब्यूरो
-
चार माह में सात हजार रुपये बढ़ गए सोने के भाव
बरेली सराफा एसोसिएशन के महामंत्री दिनेश अग्रवाल के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत में ही चांदी ने एक लाख रुपये का आंकड़ा छू लिया था। तब सोने का भाव 93 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम था। चार माह बाद सात हजार रुपये बढ़त के साथ सोना एक लाख रुपये पर पहुंच गया। कहा कि दो माह पूर्व शेयर बाजार में गिरावट से सोने के भाव गिरे थे, लेकिन बाजार संभलने के साथ कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव रहा।
बजट के अनुसार तय कर रहे वजन और गुणवत्ता
सराफा एसोसिएशन के मंत्री विशाल मेहरोत्रा के मुताबिक, कीमतों में आई तेजी से बजट के अनुसार लोग वजन और कैरट तय कर रहे हैं, ताकि बजट प्रभावित न हो। इसलिए मांग के अनुसार ही सराफा कारोबारी हल्के वजन में भारी प्रतीत होने वाले गहने मंगा रहे हैं। इसमें चेन, अंगूठी, ईयरिंग, नोज रिंग्स, कंगन, मांग टीका आदि शामिल हैं। बढ़ती कीमतों के चलते ऑफ सीजन में भी सोने की मांग पर असर नहीं है।