बरेली। महिला सिपाही ने मुरादाबाद के आरएचएम कॉलेज के प्रबंधक समेत तीन लोगों पर पुलिस लाइन स्थित आवास में आधी रात को घुसकर हमला और छेड़खानी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिपाही के मुताबिक आरोपी उसके शिक्षक पति की कॉलेज प्रबंधक के खिलाफ हाईकोर्ट में विचाराधीन याचिका वापस लेने का दबाव डालने पहुंचे थे। उसने पुलिस लाइन के ही किसी कर्मचारी के आरोपियों की मदद करने का भी अंदेशा जताया है।
महिला सिपाही के मुताबिक उनके पति मुरादाबाद के सिरसखेड़ा स्थित आरएचएम कॉलेज में बतौर शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने वेतन न देने पर कॉलेज के प्रबंधक रुकशाद अली के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। सिपाही का आरोप है कि 11 अक्तूबर को रात करीब ढाई बजे कॉलेज प्रबंधक रुकशाद अली तीन साथियों के साथ पुलिस लाइन स्थित उसके सरकारी आवास में घुस आया।
इस दौरान घर में उसके साथ उसकी तीन साल की बेटी और नाबालिग ननद मौजूद थी। आरोपी रुकशाद अली ने याचिका वापस कराने का दबाव बनाया। उसने इसका विरोध किया तो उसका गला दबा दिया। उसके साथ आए लोगों उसकी ननद के साथ भी छेड़खानी और मारपीट की। तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए जातिसूचक गालियां भी दीं। शोर मचाने पर आसपास के क्वार्टरों में रहने वाले लोग इकट्ठे हुए रुकशाद और उसके साथी हवा में तमंचे लहराते भाग निकले।
महिला सिपाही ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में पुलिस लाइन के ही किसी पुलिस कर्मी की इस घटना में मिलीभगत होने का अंदेशा जताया है। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने महिला सिपाही की तहरीर के आधार पर मारपीट, जानलेवा हमला, छेड़खानी और एससी/एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर कोतवाली हिमांशु निगम ने बताया कि जांच के तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।