बरेली। सथरापुर में नगर निगम का कूड़ा निस्तारण केंद्र संचालित नहीं हो सका। यहां संंयंत्र की स्थापना एनटीपीसी और नगर निगम के बीच शर्तों में फंसी है। कूड़े के पहाड़ से आजिज बाकरगंज के लोगों के लिए संयत्र की स्थापना में देरी भारी पड़ रही है।
सथरापुर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए नगर निगम ने जमीन खरीद कर 24.18 करोड़ रुपये की लागत से शेड आदि का निर्माण कराया। जनरेटर सेट लगवाया। इसी स्थान पर कूड़ा निस्तारण संयंत्र की स्थापना होनी है। नगर निगम का प्रस्ताव था कि निजी कंपनी संयंत्र लगाए और ठेके पर तय दर के हिसाब से कूड़े का निस्तारण करे, लेकिन शासन ने दूसरे महानगरों की तर्ज पर बरेली में नेशनल थर्मल पावर काॅरपोरेशन (एनटीपीसी) को कूड़ा निस्तारण की जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए।
इसलिए निजी कंपनी को जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव अटक गया और एनटीपीसी के साथ नगर निगम का पत्राचार होने लगा। न संयंत्र लग सका, न ही कूड़ा निस्तारण शुरू हो सका। एनटीपीसी की शर्तों के मुकाबले नगर निगम को निजी कंपनी से काम कराना ज्यादा किफायती लग रहा है। नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण के तुलनात्मक व्यय की जानकारी के साथ मामला शासन को संदर्भित किया है। वहां से निर्देश मिलने का इंतजार है।
इन शर्तों में फंसा मामला
- एनटीपीसी तभी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का काम करेगी जब उसे अधिकतम 15 प्रतिशत नमी वाला कूड़ा मिले। निजी कंपनी ने ऐसी कोई शर्त नहीं लगाई।
- एनटीपीसी को छंटा हुआ कूड़ा चाहिए। निजी कंपनी अपने खर्चे पर कूड़ा छांटने के लिए तैयार है।
- कूड़ा निस्तारण संयंत्र संचालित करने पर आए बिजली के खर्च को नगर निगम वहन करे। निजी फर्म बिजली के खर्चे को खुद वहन करने के लिए तैयार है।
- कूड़ा निस्तारण के लिए जरूरी पानी का इंतजाम भी नगर निगम को करना होगा। निजी फर्म अपने खर्चे पर पानी का इंतजाम करने के लिए तैयार है।
कूड़ा निस्तारण के लिए सथरापुर प्लांट चालू कराने की तैयारी है। जो जरूरी प्रक्रिया है, उसे नगर निगम अपना रहा है। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
बाकरगंज में 30 हजार लोगों की कम नहीं हो रही मुसीबतअभी नगर निगम के पास सिर्फ बाकरगंज में कूड़ा निस्तारण का इंतजाम है। अधिकतम क्षमता 1700 मीट्रिक टन प्रतिदिन की है। अगर इसी क्षमता से कूड़ा निस्तारण हुआ तो वहां एकत्र कूड़े को निस्तारित करने में डेढ़ साल से अधिक समय लग सकता है। इस दौरान बाकरगंज और आसपास के तीस हजार से अधिक लोगों के लिए मुसीबत बरकरार रहेगी। अब अगर सथरापुर में रोजाना 550 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित करने का संयंत्र चालू हो जाता है तो बाकरगंज की मुसीबत जल्दी खत्म होगी।
अमर उजाला ब्यूरो