बरेली। आरटीई (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) को लेकर रसूखदार स्कूलों का रवैये में कोई सुधार नहीं है। सोबतीस और व्यास वर्ल्ड स्कूल की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। बीएसए ने स्कूलों से प्रवेश का डाटा मांगा है। समय रहते एडमिशन नहीं करने पर नोटिस जारी करने की चेतावनी भी दी है। प्रवेश के लिए अभिभावकों के साथ बार-बार स्कूलों का चक्कर लगा रहे नौनिहालों का पढ़ाई के प्रति उत्साह भी कम हो रहा है।
दिन भर इंतजार के बाद भी नहीं बन रही बात
व्यास वर्ल्ड स्कूल में एडमिशन लेने गए अभिभावक का कहना है कि स्कूल वाले दिन भर बुलाकर बैठा लेते हैं। सुबह से शाम हो जाती है, लेकिन स्कूल प्रबंधन अभिभावकों से बात नहीं करता। कल आने की बात कहकर टाल दिया जाता है। अगले दिन भी यही रवैया रहता है। हालांकि विद्यालय प्रबंधन का कहना है आरटीई के तहत प्रवेश लिए जा रहे हैं। आरोप निराधार हैं।
अपने रवैये पर अडिग स्कूल
सोबतीस पब्लिक स्कूल लगातार अपने रुख पर अड़ा हुआ है। वह अल्पसंख्यक संस्थान होने की बात कहकर बचने के प्रयास में है। अल्पसंख्यक संस्थान घोषित होने तक विभाग की ओर से आरटीई के तहत एडमिशन लेने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन मनमानी कर रहा है। बीएसए की ओर से स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन का समय दिया गया है। अन्यथा की स्थिति में मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी गई है।
दूसरी सूची के लिए 1591 बच्चों के आए आवेदन
दूसरी सूची के लिए 1591 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इसमें कई बच्चों के फॉर्म में दिक्कतें भी सामने आईं। अभिभावकों ने वार्ड के बाहर का स्कूल भर दिया है। ऐसे अभिभावकों को तीसरी सूची में फिर से आवेदन करने को कहा गया है। दूसरी सूची में विभाग की ओर से चयनित बच्चों की सूची 19 अप्रैल को जारी की जाएगी।
उम्र के मुताबिक मिला दाखिला, क्लास बदलवाने पहुंचे अभिभावक
अभिभावकों का कहना है कि उनका बच्चा साढ़े पांच या छह साल का है। उसे कक्षा एक में प्रवेश दिया गया है और अभिभावक बच्चे का दाखिला कक्षा एक से नीचे की कक्षाओं में कराना चाहते हैं। आरटीई के निर्देशों के मुताबिक यदि बच्चा तीन से पांच साल का है तो उसे इस तरह क्लास दिया जाएगा कि छह साल की उम्र में वह पहली कक्षा में प्रवेश ले सके। पोर्टल स्वयं बच्चे की क्लास के बारे में बताएगा।