वाहनों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखकर होगा सर्वे
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय तिवारी, सेतु निगम से परियोजना प्रबंधक केएन ओझा, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अभिनेष कुमार, अधिशासी अभियंता नारायण सिंह तथा एसपी ट्रैफिक शिवराज बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि आबादी और वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रेड सेपरेटर बनाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर सर्वे प्रस्तावित है। सेटेलाइट से पीलीभीत बाइपास तक चौड़ीकरण के लिए डीपीआर पहले ही भेजी जा चुकी है। इसके लिए भी पैरवी की जाएगी।
सर्वे से यह होना है तय
कहां कितना लंबा पुल बनना है? पुल किस स्थान से शुरू होगा? कौन-कौन से मार्ग पर पुल से जुड़ेंगे? पुल कहां पर खत्म होगा? इन बिंदुओं पर सेतु निगम की रिपोर्ट आने के बाद कमिश्नर उस पर मंथन करेंगी। अगली बैठक पांच मार्च को प्रस्तावित है।
जानिए, क्या है ग्रेड सेपरेटेर
जिस चौराहे पर ग्रेड सेपरेटर बनता है, वहां सभी मार्गों के लिए अलग-अलग ऊंचाई पर पुल से रास्ता मिलता है। मुख्य पुल से ही अलग पुल बनाकर रास्ते दिए जाते हैं। ग्रेड सेपरेटर के लिए जगह और लागत अधिक लगती है। इसलिए अभी तक छोटे शहरों में ग्रेड सेपरेटर नहीं बने हैं। (सेतु निगम के अभियंता से बातचीत के मुताबिक)