शासन के नगर पालिका व नगर पंचायतों के परिक्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी होने के बाद प्रशासन ने हल्ला तो खूब मचाया, लेकिन धरातल पर काम कुछ नहीं हुआ। अधिकारी बयानबाजी तक ही सिमटे रहे। व्यापारियों के साथ बैठकें भी हुईं, मगर नतीजा सिफर ही रहा।
नगर पालिका की बेशकीमती जमीनों पर वर्षों से अवैध कब्जे हैं। पंजाबी कालोनी चौराहा से शेखुपुर जाने वाले मार्ग पर पालिका की जमीन पर कब्जे कर मकान बना दिए गए हैं। वहीं धोबी तालाब, नरायन नगला रोड, नदेली रोड, नैनीताल रोड और ट्रक यूनियन रोड पर भी पालिका की जमीनों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। नगर पालिका के अफसर कह रहे हैं कि इन जमीनों से कब्जे हटाने के लिए एसडीएम का आदेश चाहिए और कार्रवाई भी एसडीएम के स्तर से होनी है, लेकिन अभी तक निर्देश नहीं दिए गए हैं। शासन ने बीते दिसंबर में शासनादेश जारी करते हुए कहा था कि अतिक्रमण को शत प्रतिशत हटाया जाएगा, इसके बाद अतिक्रमण हटाने के लिए खूब हल्ला हुआ। व्यापारियों के साथ बैठकें भी हुईं, बाद में पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। हालांकि बहेड़ी से आंवला स्थानांतरित हुई एसडीएम ममता मालवीय ने नगर में अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान जरूर चलाया था, लेकिन उनका तबादला होने के बाद हालात फिर पहले जैसे हो चुके हैं।
नगर पालिका के मकानों में चल रहीं दुकानें
नगर पालिका ने कई साल पहले मकान बनाकर लोगों को आवंटित किए थे। इन मकानों को कई-कई बार महज दस रुपये के स्टांप पर बेच दिया गया। कुछ मकानों में दुकानें चल रही हैं, जबकि मकान रहने के लिए दिए गए थे। नगर पालिका के ईओ समीर कश्यप ने बताया कि उन्होंने पूरी जानकारी जुटा ली हैं। जिन मकानों का कामर्शियल यूज हो रहा है, उन्हें जल्द ही सील कर दिया जाएगा। जहां नव निर्माण किया गया है, वे मकान भी सील किए जाएंगे। शासन की मंशा है कि पालिका अपनी आय के श्रोत खुद तय करे, इसे ध्यान में रखते हुए मकान व दुकानें खाली कराने को नोटिस दिया जा चुका है। अब तहसील परिसर की ओर बने उन मकानों को सील किया जाएगा, जिनमें दुकानें चल रही हैं।
व्यापारी इस बात को ठीक से जान लें कि अतिक्रमण का सफाया करके ही दम लूंगा। मैं उन्हें वक्त दे रहा हूं, इसका मतलब यह नहीं कि वह मेरे अभियान का इंतजार करेंगे। जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को भूमाफिया की सूची में डाला जाएगा। -एमपी सिंह, एसडीएम बहेड़ी