बरेली। अतिक्रमण ने रोडवेज बस अड्डों के साथ रेलवे जंक्शन के बाहरी हिस्से की भी सूरत बिगाड़ दी है। टेंपो, ऑटो, ई-रिक्शा के जमावड़े और अतिक्रमण से यात्रियों को आवाजाही में भी दिक्कतें हो रही हैं। बस अड्डों पर यात्री सुविधाओं का पहले से अभाव है। ऊपर से बेतरतीब वाहनों के कारण लगने वाला जाम उनकी समस्या को और बढ़ा रहा है। होली नजदीक है। इस दौरान यात्रियों का दबाव बढ़ने पर दिक्कतें भी बढ़ जाएंगी।
सामान्य दिनों में जंक्शन पर रोज औसतन 30 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। प्लेटफाॅर्म पर यात्री सुविधाओं की स्थिति ठीक है, लेकिन जंक्शन के बाहरी हिस्से में ऑटो, टेंपो, ई-रिक्शा के कारण स्थिति बदतर हो रही है। प्रतिबंधित क्षेत्र में ऑटो आदि खड़े होने से यात्रियों को निकलने की जगह तक नहीं बचती। कई बार जाम लगने से यात्री समय से प्लेटफॉर्म तक नहीं पहुंच पाते और उनकी ट्रेन छूट जाती है।
सेटेलाइट और पुराना बस स्टैंड से भी रोज करीब 30 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। यात्रियों को दिक्कत न हो, इसके लिए स्टेशन इंचार्ज और स्टाफ की तैनाती है। इसके बावजूद समस्या बनी रहती है। वहीं, सेटेलाइट स्टेशन इंचार्ज अंबरीश ने बताया कि यात्री सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
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पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त नहीं
रोडवेज बस अड्डों पर पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है। तापमान में इजाफा होने के साथ धीरे-धीरे यात्रियों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। पुराने बस स्टैंड पर टीनशेड के नीचे स्थित दोनों प्याऊ पर गंदगी रहती है। निजी संस्था का प्याऊ खराब है। सेटेलाइट पर भी यही स्थिति है। ऐसे में यात्रियों को बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना होता है।
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खदेड़ने के बाद फिर घेर लिया जंक्शन परिसर
शुक्रवार को जीआरपी और सुभाषनगर पुलिस ने जंक्शन परिसर के बाहर खड़े वाहनों को खदेड़ दिया। कुछ के चालान भी किए, लेकिन पुलिस के जाते ही स्थिति जस की तस हो गई। जंक्शन के अंदर सुरक्षा की जिम्मेदारी जीआरपी और बाहर पुलिस की है। बृहस्पतिवार को सिटी मजिस्ट्रेट राकेश कुमार गुप्ता ने परिसर से वाहनों को हटवाया था। इंस्पेक्टर जीआरपी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि अवैध रूप से खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।