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बिना अनुमति बने सेल्फी प्वाइंट की आड़ में अतिक्रमण का ‘खेल’

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सेल्फी प्वाइंट के नाम पर किया कब्जा। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। शहर से अतिक्रमण हटाने का दावा करने वाला सिस्टम सेल्फी प्वॉइंट को लेकर खुद ही सवालों के घेरे में हैं। अनाधिकृत तरीके से संजय नगर में बनाया गया सेल्फी प्वाइंट की आड़ में रेता बजरी का अवैध कारोबार तो फल फूल ही रहा है वहीं, अब यह अवैध पार्किंग स्टैंड भी बन रहा है। वहीं, निगम के जिम्मेदार सब कुछ जानते हुए चुप्पी साधे हुए हैं। बताते हैं कि पिछले दिनों बड़े जोर-शोर से यहां रखी निर्माण सामग्री को हटाने निगम के कमांडो पहुंचे थे, लेकिन अवैध कारोबार अब भी जारी है।
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नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों अवैध कब्जों की भरमार है। नालियों और नालों पर अतिक्रमण के साथ ही अब लोग सड़कों पर भी पक्के अतिक्रमण करने लगे हैं। इसी क्रम में कुछ महीनों पूर्व संजय नगर स्थित एक पेट्रोल पंप के आगे सड़क से सटा सेल्फी प्वॉइंट बना दिया गया। पहले इसे बरेली की शान बताया गया और इसका उद्घाटन भी मेयर से कराया गया। लेकिन बाद मेें पता चला कि इसकी आड़ में यहां बड़े पैमाने पर निर्माण सामग्री, बजरी, रेत और इंट आदि स्टोर किया जा रहा है। वहीं, रात के वक्त यहां पानी की पाइपें और ट्रक आदि भी खड़े होने लगे। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने लगातार निगम अधिकारियों से शिकायतें की पर कुछ भी नहीं हुआ। उधर, निगम का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि सेल्फी प्वाइंट के लिए उनकी जानकारी में कोई भी अनुमति नहीं ली गई। इसे सड़क के किनारे बनाने का कोई औचित्य भी नहीं था।
‘निगम की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो चुकी हैं। इसके चलते कोई भी कहीं भी कब्जा जमा ले रहा है। सेल्फी प्वाइंट के निर्माण में भी नियमों का ख्याल रखा जाना चाहिए था। यदि आवेदन किया गया हो तो ठीक, पर यदि आवेदन किए बिना ही इसे सड़क किनारे बनवा दिया गया तो निगम अधिकारियों को इसे तत्काल वहां से हटा देना चाहिए। अफसरशाही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। स्वार्थ के वशीभूत होकर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उनसे इसकी उम्मीद बेमानी है।’
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- आईएस तोमर, पूर्व मेयर
‘आज शहर में जहां भी नजर उठाइये, वहां कब्जे ही कब्जे दिखाई देते हैं। शाहदाना से आगे सड़कों पर आगे तक कब्जे हैं। कई नई दुकानें भी खोली गई हैं। निगम अधिकारी कब्जे के भवन पर नोटिस तो भेज देते हैं, पर कार्रवाई नहीं करते। यह पूरी तरह गलत है। सेल्फी सेंटर का उद्घाटन जब मेयर ने किया तो उन्हें ही मामले की जांच करानी चाहिए। वरना इसका गलत संदेश जाएगा।’
- राजकुमार अग्रवाल, पूर्व मेयर
‘एक संस्थान ने इस सेल्फी प्वाइंट को बनवाया। इसे बरेली का गौरव बताया गया। संस्था ने निगम से अनुमति ली या नहीं, इसकी जानकारी नहीं। वैसे इसकी आड़ में यदि कोई गलत काम या अतिक्रमण हो रहा है तो इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले की जांच कराई जाएगी। जरूरी हुआ तो यहां कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।’
- उमेश गौतम, वर्तमान मेयर
‘यह मामला मेरे संज्ञान मेें नहीं है। सड़क के पास वैसे भी इस तरह का कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। ऐसे में इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि कोई खामी मिली तो वहां जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
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- अभिषेक आनंद, नगर आयुक्त
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